यूटी के सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार से जुड़े वर्ष 2008 के भ्रष्टाचार मामले में सेक्टर-17 थाने के तत्कालीन एसएचओ (वर्तमान में रिटायर्ड) रमेश चंद वीरवार को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पूर्व में दिए गए बयान से मुकर गए। सीबीआई ने उन्हें सरकारी गवाह बनाया था।
इससे पहले भी मामले में तीन पुलिसकर्मी अदालत में बयान से पलट चुके हैं। वहीं सीबीआई कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए तत्कालीन एएसपी मधुर वर्मा समेत अन्य को समन जारी किए हैं। वर्तमान में मधुर वर्मा दिल्ली पुलिस में तैनात हैं। मामले में शिकायतकर्ता सेक्टर-17 में पांडे बुक स्टोर के संचालक अरविंद पांडे थे। सीबीआई को दी शिकायत में उन्होंने कहा था कि सेक्टर-17 थाने में तैनात कुछ पुलिसकर्मी उनके बूथ के कब्जे के मामले में उनसे रिश्वत मांग रहे हैं। इसकी उनके पास रिकार्डिंग भी थी।
इसमें रमेश चंद की भी आवाज होने का उन्होंने दावा किया था। इस रिकार्डिंग में वह बूथ के कोर्ट द्वारा किए ‘स्टेट्स-को’ और ‘कंटेप्ट ऑफ कोर्ट’ के संबंध में बात कर रहे हैं। हालांकि रमेश चंद ने रिकार्ड़िग में अपनी आवाज होने से इंकार कर दिया। मामले के अनुसार जून 2013 में सीबीआई कोर्ट ने नीलम चौकी के तत्कालीन इंचार्ज सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार, सब इंस्पेक्टर रमेश चंद और व्यापारी सुभाष कटारिया के खिलाफ आरोप तय किए थे। नवंबर 2008 में इनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया गया था। आरोप के अनुसार एसआई संजीव व अन्य अरविंद पांडे की ब्रिज मार्केट स्थित उनके बूथ को खाली करवाने के लिए उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत पर सीबीआई ने तीनों को गिरफ्तार किया था।