चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एसएसए शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए छठे पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार महंगाई भत्ता (डीए) के बकाया भुगतान पर चंडीगढ़ प्रशासन को तीन माह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
जस्टिस दीपेंद्र सिंह नलवा की एकल पीठ के समक्ष अरविंद राणा व अन्य की याचिका सुनवाई के लिए पहुंची थी। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की थी कि उन्हें छठे पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार संशोधित वेतन पर 1 जुलाई 2021 से देय महंगाई भत्ता (डीए) का बकाया और उस पर ब्याज जारी करने का निर्देश दिया जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आरसी शर्मा ने अदालत को बताया कि इसी प्रकार का मुद्दा पहले भी उच्च न्यायालय में उठ चुका है। अदालत ने दीपक शर्मा बनाम यूटी चंडीगढ़ मामले में 10 नवंबर 2025 को फैसला देते हुए प्रशासन को कर्मचारियों के दावे पर विचार करने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यदि उनके मामले पर भी उसी फैसले के अनुरूप विचार करने का निर्देश दिया जाए तो उन्हें संतोष होगा। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से अधिवक्ता शुभम चौधरी ने नोटिस स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं की दलीलों का कोई विशेष विरोध नहीं किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने बिना मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि प्रशासन तीन माह के भीतर याचिकाकर्ताओं के दावे पर निर्णय ले। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नियमों और कानून के अनुसार याचिकाकर्ता राहत के पात्र पाए जाते हैं, तो निर्णय के बाद दो माह के भीतर बकाया राशि जारी की जाए।