यूटी प्रशासन की ओर से पीयू के हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड बनाने का प्रस्ताव फिलहाल टलता नजर आ रहा है। एडवाइजर मनोज परिदा ने ट्वीट कर विद्यार्थियों को बताया कि कोरोना मरीजों की संख्या में यदि बड़ा इजाफा होता है तभी हॉस्टलों को वार्ड बनाया जा सकता है अन्यथा स्थिति सामान्य रहेगी। इस पर पीयू प्रशासन को भी राहत मिली है, लेकिन भविष्य के लिए पीयू को तैयार भी रहना होगा कि कभी भी हॉस्टलों या गेस्ट हाउस आदि की जरूरतें पड़ सकती हैं।
कुछ दिनों पहले यूटी प्रशासन की ओर से पीयू से हॉस्टलों की डिटेल मांगी गई थी। उसके बाद यूटी प्रशासन की ओर से चार हॉस्टलों को आइसोलेशन वार्ड बनाने का प्लान तैयार हो गया। यह बात अमर उजाला के जरिये सार्वजनिक हुई तो पीयू प्रशासन हैरत में पड़ गया। ऐसा कैसे हो सकता है। जब एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों से पीयू ने पूछा तो बात सच साबित हुई। हॉस्टलों को हकीकत में आइसोलेशन वार्ड बनाना था। पीयू की ओर से यूटी प्रशासन को चिट्ठी लिखी गई।
साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं को सामने रखा और इस प्लान पर पुनर्विचार करने के लिए कहा। विद्यार्थियों की समस्याओं को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। हर हॉस्टल का ताला बंद है और उनमें विद्यार्थियों का सामान रखा हुआ है। विद्यार्थी लॉकडाउन के कारण घर पर हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का सामान कैसे निकाला जाएगा और यदि सामान अंदर रहा और मरीजों को यहां भर्ती किया गया तो उनके सामान के संक्रमित होने का खतरा था। यह बात विद्यार्थियों ने भी अपने ट्वीट के जरिये एडवाइजर आदि को बताई। वहां से भी एडवाइजर ने राहतभरा ट्वीट किया है।