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कॉलेजों को राहत.. मानक पूरे होने पर ही पीयू की टीम करेगी जांच

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चंडीगढ़। कॉलेजों को मान्यता देने के नाम पर होने वाले खेल को बंद करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी नया कदम उठाने जा रहा है। पीयू की इंस्पेक्शन टीम तभी कॉलेजों तक पहुंचेंगी जब वहां मानक पूरे कर लिए होंगे। सबसे अहम बात यह है कि जब कॉलेज खुद कह देंगे कि मानक पूरे कर लिए हैं, उसके बाद ही मानकों की जांच होगी। अगर कोई कमी रहती है उसके बाद ही ऑब्जेक्शन लगाया जाएगा।
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पीयू से 196 कॉलेज मान्यता प्राप्त हैं। इन कॉलेजों में जब नया कोर्स शुरू किया जाना हो या कोई नई प्रक्रिया लागू होनी हो तो उससे पहले पीयू की इंस्पेक्शन टीम जाती है जो कुछ कमियों पर ऑब्जेक्शन लगा देती है। इस कारण पूरे सालभर उस कोर्स का संचालन नहीं हो पाता। सीनेट की बैठक में गंभीर आरोप लगे भी। यह भी कहा गया कि नया कॉलेज कोई खुलता है तो उसकेभी मानक पूरे न होने पर उन्हें मान्यता मिल जाती है। इंफ्रास्ट्रक्चर भी उनके पास नहीं हो पाता है। इसके अलावा यह भी बात रखी गई थी कि कुछ कॉलेज मानक पूरे कर भी लेते हैं तो उन्हें मान्यता नहीं मिल पाती। इन सभी झंझटों को खत्म करने के लिए एक नई नीति बनेगी।
सूत्रों का कहना है कि उस नीति में यह बिंदु मुख्य होगा कि कॉलेजों का निरीक्षण तभी होगा जब वह खुद यह कह देंगे कि उन्होंने मानक पूरे कर लिए हैं। मानकों की जांच के बाद ही ऑब्जेक्शन लगाया जाएगा। नीति का कार्य एक कमेटी करेगी, जो मिल रहीं खामियों को दुरुस्त करेगी। साथ ही इस पर सुझाव भी लिए जा सकते हैं। मालूम हो कि सीनेट की बैठक में इसी मामले को लेकर विवाद हुआ था। उसकेबाद वीसी प्रो. राजकुमार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और इस प्रक्रिया को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था।
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कॉलेजों को मान्यता देने में जल्दबाजी न करें
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को आदेश दिए हैं कि कॉलेजों को मान्यता देने में जल्दबाजी न करें। पहले मानकों को ठीक से परख लें। मानक पूरे होने पर ही मान्यता दी जाए। यह भी कहा है कि यदि कोई मानक 99 फीसदी पूरा है तो उस कॉलेज को भी मान्यता प्रदान कर दी जाए। उस कार्य को रोका नहीं जाए। किसी की सिफारिश पर भी विश्वविद्यालय काम नहीं करें। मौके पर टीम मानकों की जांच को जरूर जाएं। यूजीसी ने कहा कि कहीं भी गड़बड़ी मिलती है तो फिर उसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की होगी।
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