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होली से पहले 42 हजार परिवारों को राहत: चंडीगढ़ में नीड बेस्ड चेंज पॉलिसी फिर लागू, प्रशासक ने दी मंजूरी

Fri, 27 Feb 2026 02:43 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

प्रशासन ने पुरानी पॉलिसी के कुछ प्रावधानों को संशोधित रूप में लागू किया है। तय डिजाइन के अनुसार दरवाजों और खिड़कियों पर 14 इंच तक के छज्जे लगाने की अनुमति होगी। कॉर्नर डवेलिंग यूनिट्स में निर्धारित स्थानों पर अतिरिक्त खिड़कियां लगाई जा सकेंगी।
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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड - फोटो : संवाद
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विस्तार
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होली से पहले चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के करीब 42 हजार मकानों में रहने वाले परिवारों को बड़ी राहत मिली है। 

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यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वर्ष 2023 की संशोधित नीड बेस्ड चेंज पॉलिसी को सिफारिशों सहित दोबारा लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत 3 जनवरी 2023 के आदेश की धारा 2-21, 24 और 26-28 को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह निर्णय 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। तीन जनवरी 2023 को अधिसूचित नीति को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद स्थगित कर दिया गया था। अब संशोधनों के साथ इसे पुनः लागू किया गया है जिससे लंबे समय से लंबित मामलों में राहत मिली है। 
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समिति ने सेक्टर-46, 43, 38 (वेस्ट) और मनीमाजरा में बने स्वतंत्र सीएचबी मकानों के संदर्भ में कहा है कि चंडीगढ़ बिल्डिंग रूल्स (अर्बन), 2017 को इन पर उसी प्रकार लागू नहीं किया जा सकता, जैसे प्रशासन नियंत्रित मरला हाउसों पर होता है। इस विषय पर और साफ दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से समिति ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें आगे और पीछे के आंगन में पूरी चौड़ाई में तीन फीट तक नई बालकनी निकालने की अनुमति देने की बात थी। समिति ने इसे संरचनात्मक दृष्टि से जोखिमपूर्ण माना।

इन संशोधनों को मिली मंजूरी

प्रशासन ने पुरानी पॉलिसी के कुछ प्रावधानों को संशोधित रूप में लागू किया है। तय डिजाइन के अनुसार दरवाजों और खिड़कियों पर 14 इंच तक के छज्जे लगाने की अनुमति होगी। कॉर्नर डवेलिंग यूनिट्स में निर्धारित स्थानों पर अतिरिक्त खिड़कियां लगाई जा सकेंगी। खिड़कियों की सिल को फर्श से चार इंच तक नीचे करने की छूट दी गई है। 115 मिमी (4.5 इंच) तक की पतली दीवारें हटाई जा सकेंगी जबकि मोटी दीवार हटाने से पहले स्ट्रक्चरल इंजीनियर का प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। पाइप फ्रेम और पारदर्शी प्लास्टिक शीट से बने अस्थायी कार शेड केवल बाउंड्री वॉल के भीतर ही लगाए जा सकेंगे।

रेजिडेंट्स ने किया फैसले का स्वागत

सीएचबी रेजिडेंट्स फेडरेशन के अध्यक्ष निर्मल दत्त ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे निवासियों को राहत मिलेगी। हालांकि कुछ धाराएं हटाए जाने से लाभ सीमित रह सकता है। क्रॉफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी ने प्रशासन के फैसले को राहत भरा बताया है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को नोटिसों से छुटकारा मिलेगा। फॉस्वेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के मकानों में किए बदलावों को रेगुलर करने की प्रशासन की यह पहल सराहनीय है।

2010 से शुरू हुई नीति, कई बार हुआ संशोधन

नीड बेस्ड चेंज पॉलिसी पहली बार 2010 में लागू हुई थी। इसके बाद 2015, 2016, 2019 और 2023 में संशोधन किए गए। 10 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने सेक्टर-1 से 30 तक हेरिटेज जोन में निर्माण परिवर्तनों पर रोक लगाई थी और फ्लोर-वाइज अपार्टमेंट में बदलाव तथा एफएआर बढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया था। सीएचबी ने पिछले चार दशकों में लगभग 68 हजार फ्लैट बनाए हैं जिनमें से करीब 80 प्रतिशत में आवश्यकता अनुसार बदलाव किए जा चुके हैं। ऐसे में प्रशासन का यह निर्णय जहां निवासियों को कानूनी राहत देगा, वहीं सुरक्षा और शहर की विरासत संरक्षण के बीच संतुलन साधने की कोशिश भी माना जा रहा है।

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