होली से पहले चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के करीब 42 हजार मकानों में रहने वाले परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
प्रशासन ने पुरानी पॉलिसी के कुछ प्रावधानों को संशोधित रूप में लागू किया है। तय डिजाइन के अनुसार दरवाजों और खिड़कियों पर 14 इंच तक के छज्जे लगाने की अनुमति होगी। कॉर्नर डवेलिंग यूनिट्स में निर्धारित स्थानों पर अतिरिक्त खिड़कियां लगाई जा सकेंगी। खिड़कियों की सिल को फर्श से चार इंच तक नीचे करने की छूट दी गई है। 115 मिमी (4.5 इंच) तक की पतली दीवारें हटाई जा सकेंगी जबकि मोटी दीवार हटाने से पहले स्ट्रक्चरल इंजीनियर का प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। पाइप फ्रेम और पारदर्शी प्लास्टिक शीट से बने अस्थायी कार शेड केवल बाउंड्री वॉल के भीतर ही लगाए जा सकेंगे।
सीएचबी रेजिडेंट्स फेडरेशन के अध्यक्ष निर्मल दत्त ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे निवासियों को राहत मिलेगी। हालांकि कुछ धाराएं हटाए जाने से लाभ सीमित रह सकता है। क्रॉफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी ने प्रशासन के फैसले को राहत भरा बताया है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को नोटिसों से छुटकारा मिलेगा। फॉस्वेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के मकानों में किए बदलावों को रेगुलर करने की प्रशासन की यह पहल सराहनीय है।
नीड बेस्ड चेंज पॉलिसी पहली बार 2010 में लागू हुई थी। इसके बाद 2015, 2016, 2019 और 2023 में संशोधन किए गए। 10 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने सेक्टर-1 से 30 तक हेरिटेज जोन में निर्माण परिवर्तनों पर रोक लगाई थी और फ्लोर-वाइज अपार्टमेंट में बदलाव तथा एफएआर बढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया था। सीएचबी ने पिछले चार दशकों में लगभग 68 हजार फ्लैट बनाए हैं जिनमें से करीब 80 प्रतिशत में आवश्यकता अनुसार बदलाव किए जा चुके हैं। ऐसे में प्रशासन का यह निर्णय जहां निवासियों को कानूनी राहत देगा, वहीं सुरक्षा और शहर की विरासत संरक्षण के बीच संतुलन साधने की कोशिश भी माना जा रहा है।