चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को करीब नौ साल पुराने मानहानि मामले में शुक्रवार को व्यक्तिगत पेशी से छूट मिल गई। उनकी ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार राय ने अदालत में पेशी से छूट की अर्जी दायर की थी। अदालत ने अर्जी स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 8 सितंबर की तारीख तय की।
राजिंदर सिंह बनाम सुखबीर सिंह बादल मामले में अर्जी में बताया गया कि नांदेड़ में गुरुद्वारे के पास गुरुवार को हुए हमले में सुखबीर बादल घायल हुए हैं। उनके हाथ में चोट लगी है और उनके सुरक्षा कर्मी भी घायल हुए हैं। चोट के कारण वह शुक्रवार को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की स्थिति में नहीं थे। अर्जी में कहा गया कि गैरहाजिरी जानबूझकर नहीं है और वह अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगे।
2017 में दाखिल हुई थी मानहानि की शिकायत
मोहाली निवासी और अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने वर्ष 2017 में जिला अदालत चंडीगढ़ में आईपीसी की धारा 499 के तहत शिकायत दायर की थी। आरोप है कि 4 जनवरी 2017 को तत्कालीन दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजिंदर पाल सिंह के आवास पर जाने के बाद सुखबीर बादल ने मीडिया बयान में अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का राजनीतिक फ्रंट बताया था। शिकायतकर्ता ने इसे संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बयान बताया।
गैर-जमानती वारंट के बाद जनवरी में हुए थे पेश
मामले में गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद सुखबीर बादल जनवरी में अदालत में पेश हुए थे। इससे पहले भी वह व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी दे चुके हैं, जिसे अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए स्वीकार किया था।