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बदले गए नियम, हरियाणा में अब निकायों में बने और छोटे साइज के अवैध बूथ हो जाएंगे नियमित

Tue, 30 Jul 2019 09:47 AM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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हरियाणा के शहरी निकायों में अब और छोटे साइज के अवैध बूथ भी नियमित किए जाएंगे। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने एक मंजिला बूथ, दुकानों और उनकी पहली मंजिल बनाने या अवैध निर्माण को नियमित कराने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। स्वीकृत ड्राइंग के अनुसार अब तक निकायों में आवंटित 2.75 गुणा 8.25 मीटर और ऊपर के साइज के ही एक मंजिला अवैध बूथ व दुकानें नियमित हो सकती थीं।
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अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इससे छोटे साइज यानि 2.5 गुणा 6.0 मीटर साइज और उससे ऊपर के सभी अवैध बूथों और दुकानों को भी नियमित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही नए बनने वाले बूथ, दुकानों और पहली मंजिल पर भी यही साइज लागू होगा। नए आदेश लागू हो गए हैं। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने सभी मंडलायुक्तों, डीसी, शहरी निकायों के आयुक्तों, कार्यकारी अधिकारियों व सचिवों एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।

सरकार के इस आदेश से हजारों छोटे बूथ और दुकान मालिक लाभान्वित होंगे। विभाग ने यह बदलाव इसलिए किया है, चूंकि पहले से निर्मित अनेक बूथों और दुकानों का साइज तय नियमों से कम भी था। जिससे अनेक बूथ मालिक और दुकानदार सरकार के फैसले का लाभ उठाने से वंचित रह रहे थे।
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एक्ट के क्लॉज एक और ग्यारह में किया संशोधन
छोटे बूथ और दुकान आवंटियों को राहत प्रदान करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने एक्ट के क्लॉज एक और ग्यारह में संशोधन किया है। हरियाणा नगर निकाय एक्ट, 1973 की धारा 250 और हरियाणा नगर निकाय एक्ट, 1994 की धारा 398 की निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए संशोधन को मंजूरी दी है। सरकार ने 12 फरवरी 2018 को अवैध बूथों व दुकानों के नियमितीकरण और पहली मंजिल के निर्माण के आदेश जारी किए थे, जिनमें संशोधन कर छोटे बूथ मालिकों व दुकानदारों को फायदा पहुंचाया गया है।
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नए निर्माण व नियमितीकरण के ये हैं नियम

. आवंटी को नए निर्माण के लिए कलेक्टर दर के 20 प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान करना होगा।
. पहले से निर्मित प्रथम मंजिल के नियमितीकरण के लिए कलेक्टर दर का 25 प्रतिशत शुल्क देना होगा
. आदेश जारी होने के 6 महीनों के भीतर आवंटी को अपनी पहली मंजिल के निर्माण को नियमित करवाना होगा
. यदि आवंटी निर्धारित अवधि के भीतर निर्माण नियमित नहीं करवाता है तो उसके विरुद्घ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
. अनुरोध पत्र के साथ ही एकमुश्त शुल्क का भुगतान करना होगा
. निर्माण शुरू करने से पहले एक मंजिला दुकानों या बूथों के आवंटियों को संबंधित नगरपालिकाओं से निर्माण योजना मंजूर करवानी होगी।
. एक मंजिला दुकानों या बूथों पर पहली मंजिल का इस्तेमाल केवल भंडारण उद्देश्य के लिए किया जाएगा।
. आवंटी को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई निर्माण उल्लंघन नहीं किया है।
. यदि कोई उल्लंघन है तो आवेदन जमा करने से पहले उसे हटाना होगा।
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