फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा के सरकारी विभागों में नौकरियों का खेल, आदेश दरकिनार...रिटायर्ड को दे दी पुनर्नियुक्ति

Wed, 30 Jan 2019 11:07 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
manohar lal khattar - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सरकारी विभागों में रिटायरमेंट के बाद पुनर्नियुक्ति के खेल पर लगाम कसने को हरियाणा सरकार पूरी तरह गंभीर है, लेकिन कुछ विभाग में खेल चल रहा है। इनमें निचले अफसरों ने अपने चहेतों को 62 साल के बाद भी मलाइदार पदों पर पुनर्नियुक्ति दी हुई है। जबकि इसके लिए न तो विभाग के आला अफसरों से अनुमति ली गई और न ही सरकार से अप्रूवल। ऐसा करने वाले विभाग में शहरी स्थानीय निकाय के अंतर्गत नगर पालिका, नगर परिषद और निगम भी शामिल हैं। जबकि हरियाणा सरकार ने इस बाबत अप्रैल 2015 में जरूरी दिशानिर्देश भी जारी किए थे।
विज्ञापन


बाकायदा ये निर्देश प्रधान सचिव शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, करनाल, पानीपत, रोहतक व हिसार नगर निगम के आयुक्तों को भी भेजे गए थे। इन निर्देशों में कहा गया था कि  निगमों में कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए सेवानिवृत्त कर्मियों को पुनर्नियुक्ति एवं आउटसोर्सिंग से रिक्त पदों को निगम आयुक्त द्वारा नियमानुसार भरा जा सकता है। इन रिक्त पदों पर यदि पुनर्नियुक्ति की जानी है तो जिस सेवानिवृत्त कर्मचारी को पुनर्नियुक्ति किया जाए, उसकी उम्र 62 साल से अधिक न हो।

संबंधित निकायों में यदि ऐसा कर्मचारी नहीं है, तो उस स्थिति में दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर समकक्ष वेतनमान पर 62 साल से कम सेवानिवृत्त कर्मचारी को भी रखा जा सकता है। यदि निकाय ऐसा भी न करना चाहें, तो नियमानुसार आउटसोर्सिंग के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया और मापदंड अपनाते हुए योग्य व्यक्ति को पद पर नियुक्त किया जा सकता है।  इसके अलावा नगर निगम में जो पद स्टेट काडर के हैं, उन पदों को प्रतिनियुक्ति आधार पर भरने हेतु एक प्रस्ताव सरकार को भेजा जाए, ताकि सरकार उस पर कार्रवाई कर सके। लेकिन स्थिति यदि देखें तो निकायों में आज भी कई कर्मचारी ऐसे हैं, जो 62 पार हो चुके  हैं, लेकिन फिर भी विभिन्न पदों पर काबिज है।
विज्ञापन


आरटीआई एक्टिविस्ट रघुबीर सिंह ने इस बाबत एक शिकायत मुख्यमंत्री को भी भेजी है। जिसमें कुछ कर्मियों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि निकायों में कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी उम्र बासठ वर्ष से अधिक हो चुकी है, लेकिन फिर भी वे अभी तक काबिज हैं, लिहाजा इसकी जांच करवाई जाए। उधर,  मुख्य सचिव ने भी सभी विभागों के मुखिया से जानकारी मांगी हुई है कि वे लिखित में दें कि उनके यहां प्रतिनियुक्ति पाने वाले रिटायर्ड कर्मचारी कब रिटायर हुए थे और उसके बाद कब से किस पद पर कार्य कर रहे हैं। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें