हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की भर्तियां चुनाव आचार संहिता के दौरान भी जारी रहेंगी। दोनों सांविधानिक निकाय पहले की तरह भर्तियां, नियुक्तियां व पदोन्नितयां भी कर सकेंगे।
16 अगस्त को आचार संहिता लागू होने के बाद उसी रात एचएसएससी ने ग्रुप सी के 6,111 पदों पर आवेदन मांगे थे। इसकी शिकायत कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की थी। उसी शिकायत का निपटारा करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नियमानुसार आचार संहिता के दौरान सांविधानिक निकाय को नियुक्तियों के साथ पदोन्नति का भी अधिकार है।
पहले से ही एचएसएससी की तरफ से करीब 30 हजार पदों को लेकर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए आयोग द्वारा परीक्षाओं को लेकर संभावित शेड्यूल भी जारी किया जा चुका है। आयोग के इस स्पष्टीकरण से साफ हो गया है कि चुनाव आचार संहिता हटने से पहले हरियाणा में हजारों युवाओं को नौकरी मिल सकती है। उनको नई सरकार का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
-उम्मीदवार की खर्च सीमा 40 लाख रुपये ही होगी। राजनीतिक दलों से बैठक में इसे बढ़ाने की मांग की गई थी लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हो सका।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उन्हें पिछले दिनों हरियाणा सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकार किए गए एजेंडे अभी नहीं मिले हैं। 17 अगस्त को बैठक में अनुसूचित जाति आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने, 50 हजार से ऊपर संविदा पर तैनात गेस्ट टीचर व अन्य लोगों टीचरों की 58 साल तक नौकरी सुरक्षित रखने पर सहमति बनी थी। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा था कि उन्होंने कैबिनेट के फैसले निर्वाचन आयोग को भेजेंगे।