पंजाब में लोकसभा चुनाव के दौरान अवैध शराब सहित करीब 800 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ पकडे़ गए। इनमें सबसे अधिक 778.77 करोड़ की हेरोइन, जबकि 16.81 करोड़ के अवैध शराब शामिल हैं।
यह रिकवरी 2012 में हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में कई गुणा अधिक है। इस बार पिछले चुनाव के मुकाबले अवैध शराब 8 गुणा, हेरोइन 7 गुणा, भुक्की 6 गुणा तथा कैप्सूल डेढ़ गुणा अधिक पकड़े गए हैं।
अफीम और सिरप की रिकवरी पिछले चुनाव के करीब-करीब बराबर रही, जबकि नशीली गोलियों, स्मैक व ड्रग पाउडर की पकड़ में पहले से कमी दर्ज की गई।
मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय पंजाब की रिपोर्ट के अनुसार गत 5 मार्च को चुनाव आचार संहिता लागू होने से मतदान वाले दिन तक 3.52 करोड़ की भुक्की, 43 लाख की अफीम, 17.80 लाख की स्मैक, 64 लाख की चरस, 6 लाख का गांजा, 22 लाख की नशीली गोलियां, 12 लाख का ड्रग पाउडर, 2 लाख की सिरप बॉटल्स और 13 लाख के कैप्सूल पकड़े गए।
2014 व 2012 के चुनाव में रिकवरी का तुलनात्मक ब्योरा
नशीला पदार्थ--------------2014--------------2012
हेरोइन (ग्रा.)--------------155754------------23548
भुक्की (कि. ग्रा.)-----------17606------------2707
अफीम (कि. ग्रा.)------------97----------------99
स्मैक (ग्रा.)---------------2544--------------3793
कैप्सूल------------------131537------------88296
गोलियां------------------221416------------994075
ड्रग पाउडर (कि. ग्रा.)--------43--------------18312
सिरप (बोतल)--------------4281-------------4362
अंग्रेजी शराब (लीटर)--------278453-----------32977
देसी शराब (बोतल)---------640439-----------754128
लाहन (कि. ग्रा.) -----------221256-----------228083
रिकवरी अधिक होने के कई कारण
नशीले पदार्थों की रिकवरी पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इतनी अधिक बढ़ने के लिए एसीईओ रमिंदर सिंह कई कारकों को जिम्मेदार मानते हैं। उनके शब्दों में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर, उत्तर भारत में मतदान अलग-अलग चरणों में होना तथा प्रचार की लंबी अवधि इसके लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार माने जा सकते हैं।
हेरोइन पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अधिक पकड़ी गई। वहीं, इस बार दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मतदान के चरण पंजाब से अलग थे। इस वजह से भी असामाजिक तत्वों की प्रदेश में सक्रियता बढ़ी।
इसके अलावा लोकसभा चुनाव प्रचार की अवधि करीब 2 महीने की रही, जो कि पिछले विधानसभा चुनाव के वक्त करीब एक महीने की थी। इन सब कारणों के साथ ही आर्थिक पक्ष भी इसके लिए जिम्मेदार प्रतीत होता।
बिना हिसाब-किताब के 40.77 करोड़ पकड़े
विभिन्न फ्लाइंग स्कवॉड, पुलिस टीमों व एसएसटी ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान बिना हिसाब-किताब के कुल 40.77 करोड़ रुपये पकड़े। इसमें से आयकर विभाग ने जांच के बाद 14.07 करोड़ की राशि लोगों को लौटा दी।
पिछले विधानसभा चुनाव में कुल 33.67 करोड़ की राशि पकड़ी गई थी। इसके अलावा इस बार 57000 की जाली करेंसी सहित 16800 पाउंड और 18350 डॉलर भी अलग-अलग स्थानों पर सर्च के दौरान पकड़े गए।