इस बार मध्य प्रदेश ने गेहूं उत्पादन में यूपी और पंजाब को पीछे छोड़ दिया है। इसके पीछे पंजाब के किसानों को ही बड़ा कारण माना जा रहा है। तीन साल पहले बड़ी संख्या में पंजाब के किसानों ने मध्य प्रदेश में जमीन खरीदकर गेहूं की खेती शुरू की थी। इस साल एमपी में पिछले साल की तुलना में गेहूं उत्पादन में 60 फीसदी बढ़ोतरी हुई।
अच्छी सरकारी खरीद, तेज भुगतान और उपजाऊ जमीन के कारण पंजाब का किसान मध्य प्रदेश गया है। हालांकि नए कानून से वहां गए किसान अब असमंजस में हैं। मध्य प्रदेश में जमीन खरीदकर खेती करने वाले शाहकोट के किसान तजिंदर सिंह का कहना है कि वहां पर सरकारी खरीद काफी अच्छी है, लेकिन अब नए कानून बनने से किसानों को अधिक नुकसान होगा।
हम किसानों ने गेहूं की अच्छी पैदावार कर मध्य प्रदेश को ऊंचाई पर खड़ा कर दिया गया क्योंकि हमारी फसल की खरीद सुरक्षित थी। हमें पता था कि मंडी में आते ही हमारी फसल सरकार खरीद लेगी। मध्य प्रदेश में हमें अच्छा रिस्पांस मिल रहा था लेकिन नए कानून से असमंजस की स्थिति है।