तहसील के सरकारी अस्पतालों में छोटे बच्चों को मुफ्त वेंटिलेटर सुविधा दी जाए
कमेटी ने सरकारी अस्पतालों में एचआईवी पॉजिटिव रोगियों को डायलिसिस की मुफ्त सुविधा मुहैया कराने की सिफारिश करते हुए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में ऐसे रोगियों के लिए एक मशीन आरक्षित रखने की सिफारिश की है।
इसके साथ ही मूक-बधिर बच्चों के इलाज के लिए आवश्यक स्क्रीनिंग टेस्ट मुफ्त कराने को कहा है ताकि ऐसे बच्चों का छोटी उम्र में ही समय रहते इलाज हो जाए। कमेटी ने जिला व तहसील मुख्यालयों के सरकारी अस्पतालों में छोटे बच्चों के लिए वेंटिलेंटर की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा है ताकि बच्चों के इलाज के दौरान गरीब लोगों को आर्थिक शोषण से बचाया जा सके।
पंजाब में नहीं है कोई मिल्क बैंक
पंजाब के किसी अस्पताल में फिलहाल मिल्क बैंक नहीं है। मिल्क बैंक में दूध उन माताओं से लिया जाता है, जिनके बच्चे नहीं बचते या फिर जिन्हें जरूरत से ज्यादा दूध आता है। यह दूध नवजात शिशुओं को गंभीर रोगों से बचाकर उनके स्वस्थ पोषण की राह आसान करता है। विदेशों में मदर मिल्क बैंक सुलभ हैं लेकिन भारत में अभी तक ऐसे मिल्क बैंकों की कुल संख्या 16 है। इनमें से राजस्थान में सर्वाधिक 11 बैंक, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य जिलों में 5 बैंक, चेन्नई में 2, नई दिल्ली व कोलकाता में 1-1 मिल्क बैंक उपलब्ध है। पंजाब में ऐसा कोई केंद्र नहीं है, हालांकि चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 में यह सुविधा है।