कांग्रेस से निष्कासित किट्टू ग्रेवाल को पंजाब महिला कांग्रेस की प्रधान बनाने की घोषणा से पार्टी में बवाल खड़ा हो गया है।
पूरे प्रदेश की महिला कांग्रेस की लीडरों ने बगावती तेवर अख्तियार कर लिए हैं और साफ कहा है कि अगर किट्टू को प्रधान रखा गया तो वह सामूहिक तौर पर इस्तीफा देंगी।
महिला कांग्रेस की स्टेट लीडरशिप ने राष्ट्रीय अध्यक्षा शोभा ओझा, एआईसीसी के वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी और महासचिव शकील अहमद से मुलाकात के लिए दिल्ली का रुख कर लिया है और तब तक दिल्ली में डेरा डालने की घोषणा की है, जब तक ग्रेवाल की नियुक्ति की घोषणा वापस नहीं की जाती। ग्रेवाल को 2012 में कांग्रेस का विरोध करने के कारण छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया था।
पदाधिकारियों ने बैठक कर रोष जताया
प्रदेश महिला कांग्रेस की वाइस प्रधान हरसिमरतजीत कौर, उपाध्यक्ष कृष्णा मित्तू, पिंकी भाटिया, लुधियाना की प्रधान आशा गर्ग, प्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव शशि सूद, वाइस प्रधान पंजाब ऊषा मल्होत्रा, प्रदेश महासचिव कुसुम, सुखचैन बस्सी, महासचिव लिल्ली, महासचिव सुषमा गौतम, वाइस प्रधान सपिंदर कौर, जिला कपूरथला की प्रधान मंदीप समेत प्रदेश की कई पदाधिकारियों ने सोमवार को जालंधर में बैठक की।
उन्होंने इस बात पर रोष जताया कि दिल्ली से पैराशूट के जरिए महिला कांग्रेस की प्रधान के तौर पर किट्टू ग्रेवाल की नियुक्ति कर दी गई है।
हरसिमरत कौर ने कहा कि किट्टू ग्रेवाल ने 2012 में आजाद उम्मीदवार के तौर पर आदमपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और उसने कांग्रेसी उम्मीदवार सतनाम कैंथ की बगावत की थी। किट्टू को तब 429 वोट ही पड़े थे। कांग्रेसी उम्मीदवारों का विरोध करने पर किट्टू को छह साल के लिए कांग्रेस से निकाल दिया गया था।
पूरी महिला कांग्रेस को झटका
अब पूरी महिला कांग्रेस को झटका लगा है, जब यह सूचना आई कि किट्टू ग्रेवाल को प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रधान नियुक्त कर दिया गया है। हरसिमरत कौर ने कहा कि किट्टू ग्रेवाल को कब किसने और कहां पर कांग्रेस में शामिल किया।
यह एक साजिश रची गई है, जिसमें प्रदेश महिला कांग्रेस की पूर्व प्रधान डॉ. मालती थापर भी शामिल हैं। प्रदेश महिला कांग्रेस की तमाम नेताओं ने कहा कि देश में कांग्रेस 44 सीटों पर सिमट गई है और अगर यही सिलसिला रहा तो वह दिन दूर नहीं जब कांग्रेस 20 सीटों पर अटक जाएगी।
हरसिमरत कौर ने कहा कि इस मामले की जानकारी राहुल गांधी, राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की प्रधान शोभा ओझा समेत सारी नेशनल लीडरशिप को भेज दी गई है। अगर हाईकमान न सुधरा तो सारी स्टेट लीडरशिप इस्तीफा दे देगी।