चंडीगढ़ भाजपा पार्षदों में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। टंडन गुट के पार्षदों ने मोदगिल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कार्रवाई की मांग की है। मेयर को बुलाए बिना भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल की ओर से गीला और सूखा कचरा अलग- अलग इकट्ठा करने का प्रोजेक्ट अपने वार्ड से कमिश्नर द्वारा लांच करवाने के खिलाफ कई पार्षद नाराज हो गए हैं। मंगलवार शाम सेक्टर-33 पार्टी कार्यालय में आपातकालीन बैठक बुलाई गई। इसमें भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन और महासचिव चंद्रशेखर ने भाग लिया।
बैठक में मेयर आशा जसवाल ने कहा कि मोदगिल पार्टी की छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। बैठक में पूर्व मेयर अरुण सूद ने मोदगिल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। बैठक में देवेश मोदगिल को भी बुलाया गया था लेकिन वह बैठक शुरू होने के समय आ गए लेकिन 15 मिनट में निकल गए। मोदगिल यह कह कर चले गए कि उनके भांजे को डेंगू है। बैठक में भाजपा के 19 में से 13 पार्षद मौजूद थे।
मालूम हो कि मोदगिल पूर्व सांसद सत्यपाल जैन के करीबी है और वह अगले साल होने वाले मेयर चुनाव के लिए भी पार्टी के प्रबल दावेदार हैं जबकि टंडन गुट अरुण सूद को उम्मीदवार बनवाना चाहता है इसलिए मोदगिल के खिलाफ मोर्चा खोलने को भी इस राजनीति के साथ भी जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि मोदगिल की ओर से भी कुछ दिन पहले पार्टी प्रभारी प्रभात झा को मेयर की शिकायत की गई है शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मेयर सदन में सिर्फ पूर्व मेयर अरुण सूद को ज्यादा बोलने का समय देती है जबकि पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में पूर्व मेयर अरुण सूद ने कहा कि उन्होंने इस साल हुई सभी बैठकों के मिनिटस निकलवा लिए हैं। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता, पूर्व मेयर राज बाला मलिक, भरत कुमार, राजेश कालिया, हीरा नेगी ने भाग नहीं लिया।
सूखा और गीला कचरा अलग अलग इकट्ठा करवाने का सिस्टम शुरू करवाना नगर निगम का ड्रीम प्रोजेक्ट था। इसके लिए उन्होंने और पूरी पार्टी के पार्षदों ने डोर टु डोर गारबेज कलेक्टरों को मनाने और प्रोजेक्ट के लिए काफी मेहनत की लेकिन मोदगिल द्वारा उन्हें जानकारी दिए बिना इस प्रोजेक्ट को अपने वार्ड में लांच कर दिया गया जिसके लिए उन्होंने न तो उन्हें और न ही किसी पार्टी पार्षद को बुलाया जो कि गलत है। इससे पार्षदों में नाराजगी है। इसकी शिकायत पार्टी अध्यक्ष को मीटिंग में पार्षदों को की गई है।
- आशा जसवाल, मेयर