प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से दो सालों में करीब 23 हजार लोगों के सपने साकार हो चुके हैं। शहर के तमाम बैंक मुद्रा योजना के तहत बीते दो सालों में 300 करोड़ रुपये तक लोन दे चुके हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का मुद्रा ऋण गैर कॉरपोरेट छोटे व्यापारों के वित्त जरूरतों को पूरा करने के लिए दिया जाता है। मुद्रा योजना के तहत तीन प्रकार के ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं।
शिशु ऋण को स्टार्टअप के लिए डिजाइन किया गया है। जबकि किशोर ऋण को कारोबार, जो पहले से ही शुरू कर दिए जा चुके हैं और खुद को स्थापित करने के लिए वित्तीय मदद चाहते हैं, उनके लिए डिजाइन किया गया है। तरुण ऋण उन व्यवसायों के लिए है, जो पहले से ही स्थापित हैं, लेकिन कारोबार के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता चाहते हैं । गैर-खेती या सूक्षम व्यवसाय जो आय सृजन और 10 लाख तक या उससे अधिक आर्थिक सहायता की जरूरत हो वे इस ऋण के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंदर आवेदन कर सकते हैं। जो की माइक्रो इकाइयों विकास और रिफिनांसिंग एजेंसी स्कीम के अंतर्गत शुरू की गई है।
चंडीगढ़ में दो सालों में मुद्रा योजना के तहत दिए लोन का डाटा
वर्ष लोगों शिशु किशोर तरुण ऋण (करोड़ में)
2016-17 19,039 14,151 3,400 1,488 221.6
2017-18 4,444 1,909 1,845 690 103.20