मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग के खिलाफ आवाज उठाने और सदन के बीच नेता विपक्ष अरुण सूद का बहिष्कार करने वाले भाजपा के चार पार्षदों को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने सतिंदर सिंह, सौरभ जोशी, देवेश मौदगिल और हीरा नेगी को नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब देने को कहा है।
उनसे पूछा गया है कि इस तरह की गतिविधियों के बाद क्यों न उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए? हालांकि, सूत्रों का कहना है कि चारों पार्षदों को पार्टी से निकालने पर भी चर्चा चल रही है। इन चारों पार्षदों ने मेयर चुनाव की हार के लिए क्रॉस वोटिंग को मुख्य कारण बताया था।
साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और नगर निगम में नेता विपक्ष अरुण सूद को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को शिकायत भेजी थी।
हाउस में अरुण सूद का किया था बहिष्कार
चारों पार्षदों ने बीते शुक्रवार को नगर निगम सदन की बैठक में भी नेता विपक्ष अरुण सूद का बहिष्कार किया था। बैठक के दौरान नेता विपक्ष अरुण सूद किसी मुद्दे पर बहस कर रहे थे, तभी चारों उठकर बाहर निकल गए। उन्हें जाते देखकर बैठक के बीच कांग्रेसी पार्षद ने चुटकी भी ली थी।
9 से हारी थी 14 की फौज
मेयर चुनाव के वक्त सांसद सहित भाजपा-अकाली पार्षदों की संख्या 14 थी, जबकि कांग्रेसी के सिर्फ 9 पार्षद थे। जीत के लिए 17 वोट चाहिए थे। फिर भी भाजपा को मेयर चुनाव में कांग्रेस से मुंह की खानी पड़ी थी।