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Haryana News: भगवा धारणकर रण में उतरेंगे कुलदीप बिश्नोई, आदमपुर की सत्ता के लिए होगा संघर्ष

Tue, 02 Aug 2022 10:32 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आदमपुर के विधायक कुलदीप बिश्नोई को राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग के बाद कांग्रेस द्वारा सभी पार्टी पदों से हटा दिया गया था। इससे पहले, जब कांग्रेस ने चौधरी उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष बनाया तो इससे बिश्नोई नाराज हो गए थे।
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जल्द भाजपा में शामिल होंगे कांग्रेस के बागी विधायक कुलदीप बिश्नोई। - फोटो : @bishnoikuldeep
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विस्तार
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हिसार जिले की आदमपुर विधानसभा सीट से 2019 में कांग्रेस विधायक बने कुलदीप बिश्नोई बुधवार को पद से इस्तीफा देंगे और चार अगस्त को भाजपा के शामिल हो जाएंगे। मंगलवार को कुलदीप ने आदमपुर में समर्थकों के बीच इसका एलान किया कि वह छह साल बाद कांग्रेस को अलविदा कहने जा रहे हैं। उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता से बुधवार दोपहर 12 बजे का समय मिला है। 

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भगवा धारण करने के बाद कुलदीप की राह आदमपुर में आसान नहीं होगी। कारण यह है कि हरियाणा में सत्तासीन होने के बावजूद तीन में से दो उपचुनाव भाजपा हार चुकी है। बरोदा और ऐलनाबाद चुनाव में भाजपा को शिकस्त हासिल हुई है। आदमपुर से भाजपा नेता सोनाली फौगाट ने चुनाव लड़ा है। 

वह कुलदीप के भाजपा में आने से पहले ही तीखे तेवर अपनाए हैं। कुलदीप के विधायक पद से इस्तीफा देने के छह महीने के अंदर आदमपुर सीट पर उपचुनाव होगा। इसमें टिकट को लेकर सोनाली, बिश्नोई परिवार को वॉकओवर देने के मूड में नहीं हैं। कुलदीप ने ज्वाइनिंग से पहले भाजपा के शीर्ष नेताओं से अपनी कौन-कौन सी शर्तें मनवाई हैं, उनके बारे में अभी उन्होंने पत्ते नहीं खोले हैं। 

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यह तय माना जा रहा है कि परिवार में एक टिकट ही भाजपा की तरफ से दिया जाएगा। कुलदीप हिसार लोकसभा सीट के लिए भी जोरआजमाइश कर रहे थे। उनके लिए हिसार लोकसभा सीट की जंग भी आसान नहीं है। यहां से सांसद बृजेंद्र सिंह दिग्गज जाट नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं। बीरेंद्र ने अपने बेटे की राजनीति के लिए ही खुद सियासत से संन्यास लिया है। 

बृजेंद्र सिंह भी आईएएस की नौकरी छोड़ राजनीति में आए हैं। ऐसे में आने वाले समय में कुलदीप को भाजपा के भीतर खुद को स्थापित करने के लिए बड़ी लड़ाई लड़नी होगी। वह खुद के साथ ही अपने बेटे भव्य बिश्नोई के अलावा समर्थकों का राजनीतिक भविष्य भी हिसार और अन्य जिलों की कुछ विधानसभा सीटों पर सुरक्षित करना चाहते हैं।

अब देखना यह है कि भाजपा ज्वाइन करने के बाद उनकी सियासत किस करवट बैठती है। चूंकि, हिसार जिले में खुद को स्थापित करने पर भाजपा की गठबंधन सहयोगी जजपा की भी नजर है। कांग्रेस उपचुनाव में मजबूत उम्मीदवार उतारकर उनकी घेराबंदी में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। 
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आप और इनेलो भी मुश्किलें बढ़ा सकती है। कांग्रेस से पूर्व में नाता तोड़कर हजकां-बीएल बना चुके भजन लाल परिवार का भाजपा के साथ पहले भी गठबंधन रह चुका है लेकिन, कुलदीप बिश्नोई ने राजनीतिक महत्वकाक्षाएं पूरी न होने पर न केवल भाजपा से गठबंधन तोड़ा था, बल्कि 2016 में पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था।

उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष बनाने से बढ़ी खटास
कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनने के लिए पूरा जोर लगाए हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि कांग्रेस आलाकमान उन पर भरोसा जताएगा। पार्टी ने अप्रैल महीने में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के समर्थक पूर्व विधायक उदयभान को अध्यक्ष बना दिया। इससे कुलदीप नाराज हो गए। उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा, जो नहीं मिला। 
उससे नाराज होकर उन्होंने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के बजाय निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा को वोट दे दिया। इससे उनकी नजदीकियां भाजपा से और बढ़ीं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा सीएम मनोहर लाल के साथ उनकी अनेक बैठकें हुईं। इस दौरान कुलदीप ने अपनी शर्तों को मनवाया।

कुलदीप अपने भविष्य का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र: हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। उनके इस्तीफा देने के बाद आदमपुर में होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। खुद भाजपा के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह कह चुके हैं कि कुलदीप बिश्नोई के जाने का न कांग्रेस को कोई नुकसान होगा और ना भाजपा का कोई फायदा।
 
कुलदीप बिश्नोई का भाजपा में स्वागत है। उपचुनाव जब होगा तब भाजपा मजबूती से लड़ेगी। हिसार में पार्टी पूरी तरह मजबूत है। कुलदीप बिश्नोई के आने से और फायदा मिलेगा।  ओमप्रकाश धनखड़, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा।
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