तीन दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला शुरू, कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर होंगे तैयार
जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग और प्रबंधन आवश्यक : यशपाल
चंडीगढ़। देशभर में जल संसाधन विभाग भारत सरकार की ओर से जल स्त्रोतों का रियल टाइम डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा। इससे पहले, यह डाटा मैन्युअली तैयार होता था। जल संसाधनों का रियल टाइम डाटा तैयार करने को लेकर वीरवार को तीन दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला चंडीगढ़ में शुरू हुई। कार्यशाला में पांच राज्यों के मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो जिला स्तर पर प्रशिक्षण देंगे।
कार्यशाला में भू-अभिलेख विभाग के निदेशक आईएएस डॉ. यशपाल और जल संसाधन विभाग, नदी विकास और गंगा संरक्षण, लघु सिंचाई प्रकोष्ठ की उप महानिदेशक प्रियंका कुलश्रेष्ठ ने मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत की। कार्यशाला में पहुंचने पर नोडल अधिकारी राजकुमार ने दोनों का स्वागत किया।
इस संदर्भ में उत्तरी राज्यों के हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश व जम्मू के लिए क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला हरियाणा में हो रही है। कार्यशाला का आयोजन जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन विभाग भारत सरकार और राजस्व विभाग के भू-अभिलेख विभाग की ओर से संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
जल संसाधन व सिंचाई परियोजनाओं पर तैयार होगी कार्ययोजना
कार्यशाला नोडल अधिकारी राजकुमार ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यशाला में जल संचय, जल संसाधन, भूजल, सतही जल प्रबंधन संसाधनों का प्रबंधन और जल स्त्रोत लघु मध्यम एवं वृहद सिंचाई परियोजनाओं पर मंथन होगा। निदेशक पवन कुमार ने कहा कि कार्यशाला में प्रशिक्षकों को मोबाइल वेब एप्लीकेशन में शेड्यूल भरने, उपयोगकर्ता निर्माण और प्रबंधन मॉड्यूल के साथ-साथ परिभाषाओं की अवधारणाओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे सभी चार गणनाओं के लिए रियल-टाइम डेटा संग्रह सुनिश्चित हो सकेगा। डीआरओ तरुण ने कहा कि कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत तकनीकी सत्र के साथ होगी। इसके बार एमएमआई शेड्यूल और एमएमआई मोबाइल एप्लीकेशन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। माैके पर सहायक निदेशक निहारिका सिंह, संयुक्त निदेशक आईटी रितिका सेठी व परियोजना प्रबंधक अनूप शर्मा प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।