बहू किरण राणा के साथ किरण ठाकुर।
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अंधेरा कहीं भी हो रोशन किरण ही करती है और जिस घर में दो किरण हों तो फिर रोशनी बनी रहना लाजिमी है। चंडीगढ़ सेक्टर-26 की सरकारी कॉलोनी में रहने वाली सास किरण ठाकुर और बहू किरण राणा मां-बेटी के रिश्ते को जीवंत करती हैं। किरण राणा चंडीगढ़ पुलिस में कार्य करके शहर को सुरक्षित कर रही हैं।
वहीं सास किरण ठाकुर बहू के घर को रोशन करने में लगी हुई हैं। किरण के लिए सासु मां बेहद चिंतित रहती हैं। कोरोना के शहर में बढ़ते संक्रमण उन्हें भावुक भी कर देता है। सासु मां कोरोना वारियर्स के रूप में कार्य करने वाली बहू के खाने और नाश्ते का पूरा ख्याल रखती हैं। उनकी कोशिश रहती है कि वह खाने और नाश्ते में उन चीजों को शामिल करें जो शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करे।
सासु मां बहू की खूब तारीफ करती हैं। वह कहती हैं कि ईश्वर ने उन्हे बहू के रूप में बेटी दी है। उनकी कोशिश रहती है कि जो प्यार किरण की मां करती वह प्यार अपनी बहू को दे सकें। किरण भी बहू से ज्यादा बेटी का फर्ज निभाती हैं। और ड्यूटी से लौटने के बाद वह सास के लिए मनपसंद डिनर तैयार करती हैं। सास बहू का यह रिश्ता मां-बेटी के खूबसूरत रिश्ते को जीवंत करता है।
बेटा निगम की क्वारंटीन टीम में शामिल को वहीं बहू चंडीगढ़ पुलिस में रहकर शहर के लोगों की सेवा में जुटी हुई है। वहीं किरण ठाकुर का बेटा परमवीर ठाकुर नगर निगम की क्वारंटीन टीम में शामिल होकर कोरोना वॉरियर्स की भूमिका निभा रहे हैं। मां दोनों को लेकर बेहद चिंतित रहती हैं लेकिन फिर वह गर्व भी महसूस करती हैं कि उनके घर में दो-दो कोरोना वारियर्स रहते हैं।