देश-विदेश में घूमने के विशेष पैकेज देने वाली ऑनलाइन कंपनी यात्रा डॉट कॉम को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया गया है। पैसे लेने के बाद भी वीजा न मिलने पर उपभोक्ता फोरम ने यात्रा डॉट कॉम के सीईओ को सेवा में कोताही का दोषी माना है।
उपभोक्ता फोरम ने निर्देश दिया है कि यात्रा डॉट कॉम शिकायतकर्ता को 80 हजार रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से वापस करे। सेवा में कोताही करने पर 20 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करे। यह निर्देश उपभोक्ता फोरम-1 के अध्यक्ष पीएल आहुजा ने सुनवाई के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता दंपति रेशम सिंह और कुलविंदर कौर निवासी फेज-4 मोहाली ने गुड़गांव स्थित यात्रा डॉट कॉम के सीईओ और सेक्टर-35 चंडीगढ़ स्थित विपुल ठाकुर ओबीटी सेल्स के खिलाफ उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि दूसरे पक्ष ने आठ यूरोपीय देशों में 11 रात और 12 दिन के लिए विशेष पैकेज का आश्वासन दिया। यात्रा की शुरूआत 21 जून 2014 से होनी थी। इस पर प्रति व्यक्ति एक लाख 70 हजार रुपये का खर्च रखा था।
इसके तहत सभी सेवाएं जिसमें वीजा क्लीयरेंस के अलावा होटल, लॉजिंग एंड बोर्डिंग भी शामिल थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि सभी दस्तावेजों के साथ सेंजेन वीजा और यूके वीजा के लिए 80 हजार रुपये जमा करा दिए। लेकिन 13 जून को ईमेल से सूचना मिली कि सेंजेन वीजा नहीं मिला है।
जबकि यूके वीजा के लिए भी 13 जून 2014 को आवेदन किया गया। शिकायतकर्ता ने जमा कराई राशि मांगी जिसे दूसरे पक्ष ने नहीं लौटाया। दूसरे पक्ष ने उपभोक्ता फोरम में पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं बरती है। नियम और शर्तों के अनुसार ही काम किया है।