इसके अलावा कैदी के बच्चों के विवाह, कृषि, पारिवारिक सदस्य के एक्सीडेंट, पारिवारिक सदस्य की गंभीर बीमारी, पत्नी की डिलीवरी और कुदरती आफतों के कारण पारिवारिक सदस्य या उसकी जायदाद का नुकसान होने पर छह हफ्तों की पैरोल देने का उपबंध है। यह पैरोल अब साल में अधिक से अधिक 16 हफ्तों तक मिलेगी, जो तिमाही आधार पर होगी।
पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (संशोधन) विधेयक विधानसभा में पेश होगा
एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (संशोधन) विधेयक-2018 को 13 दिसंबर को शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान पेश करने की मंजूरी दी है। उल्लेखनीय है कि रिटर्न भरने और टैक्स की अदायगी संबंधी प्रणाली को कम-से-कम पेपर वर्क वाली बनाने के लिए 23 अक्तूबर, 2018 को पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (संशोधन) विधेयक-2018 लाया गया था। भारतीय संविधान की धारा 213जी की उप धारा-2 के अनुसार विधेयक को एक्ट के रूप में तब्दील करने के लिए विधानसभा के सत्र में पेश किया जायेगा।
पंजाब कैबिनेट ने शिलांग में हुई हिंसा में जायदाद को नुकसान के लिए सिख समुदाय को मुआवजे के तौर पर 60 लाख रुपये मुहैया कराने के लिए राहत एवं पुनर्वास विभाग की हिदायतों में ढील को मंजूरी दे दी है। प्रवक्ता ने बताया कि खालसा मिडल स्कूल बड़ा बाजार के निर्माण के लिए कुल राशि 60 लाख में से 50 लाख रुपये मुहैया कराई जाएगी, क्योंकि पुरानी इमारत असुरक्षित घोषित की जा चुकी है।
इसी तरह 2 लाख रुपये की वित्तीय मदद संगम सिंह पुत्र मनजीत सिंह पंजाबी कालोनी बड़ा बाज़ार को उसकी दुकान को हुए नुकसान के लिए दी जाएगी। तीन लाख रुपये गुरमीत सिंह पुत्र गुरमुख सिंह को दिए जाएंगे, जिसके स्कूटी शोरूम को झगड़ों के दौरान आग लगा दी गई थी। इसी तरह एक ट्रक के मालिक सतपाल सिंह को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
शिलांग दंगों के दौरान उसके ट्रक को आग लगा दी गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि हिंसा के दौरान सिख समुदाय की जायदाद को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शिलांग भेजा था। इस प्रतिनिधिमंडल ने समुदाय के सदस्यों से विस्तृत विचार विमर्श किया था।
शिलांग से लौटकर प्रतिनिधिमंडल ने अपनी रिपोर्ट पेश की और मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत करवाया। कैप्टन ने 28 सितंबर, 2018 को मुख्यमंत्री राहत फंड में से उन्हें अपेक्षित राशि जारी करने के आदेश दिए थे, जिनकी दुकानें जल गई थीं। इसके अलावा समुदाय द्वारा चलाए जा रहे स्कूल के लिए भी अपेक्षित राशि जारी करने के आदेश दिए गए।