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बड़ी राहतः कैदियों को मिल सकेगी साल में चार महीने की पैरोल, पढ़ें पंजाब कैबिनेट के फैसले

Wed, 12 Dec 2018 09:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब कैबिनेट मीटिंग - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब कैबिनेट ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में चलने वाले समागमों के मद्देनजर जेलों में अच्छे व्यवहार और आचरण वाले कैदियों को नियमित पैरोल 3 हफ्ते को बढ़ाकर 4 हफ्ते और एक साल में कुल पैरोल 12 हफ्तों से बढ़ाकर 16 हफ्ते कर दी है। यह फैसला मंगलवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया। 

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कैबिनेट ने पंजाब गुड कंडक्ट प्रीजनर्ज (टैंपरेरी रिलीज) एक्ट, 1962 के सेक्शन 3 के सब सेक्शन 2 में संशोधन को मंजूरी दी है। इस संबंध में बिल विधानसभा के आगामी सत्र में पेश करने की भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि अच्छे आचरण वाले कैदियों की भलाई को यकीनी बनाने के मकसद से उन्हें 16 हफ्तों की लगातार पैरोल देने का फैसला किया गया है। इस कदम से बाकी कैदियों को भी जेलों में अनुशासन कायम रखने के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा। 

उल्लेखनीय है कि पंजाब की विभिन्न जेलों में बंद कैदियों के जेल में अच्छे व्यवहार और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए उनको अस्थायी तौर पर पंजाब गुड कंडक्ट प्रीजनर्स (टैंपरेरी रिलीज) एक्ट, 1962 में दर्ज उपबंधों के अनुसार पैरोल दी जाती है। यह पैरोल कैदी के पारिवारिक सदस्य की मौत होने पर 15 दिन की होती है। इस एक्ट में महिला कैदी को बच्चे के जन्म के लिए 120 दिनों की पैरोल देने का भी उपबंध है। 

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इसके अलावा कैदी के बच्चों के विवाह, कृषि, पारिवारिक सदस्य के एक्सीडेंट, पारिवारिक सदस्य की गंभीर बीमारी, पत्नी की डिलीवरी और कुदरती आफतों के कारण पारिवारिक सदस्य या उसकी जायदाद का नुकसान होने पर छह हफ्तों की पैरोल देने का उपबंध है। यह पैरोल अब साल में अधिक से अधिक 16 हफ्तों तक मिलेगी, जो तिमाही आधार पर होगी।

पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (संशोधन) विधेयक विधानसभा में पेश होगा
एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (संशोधन) विधेयक-2018 को 13 दिसंबर को शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान पेश करने की मंजूरी दी है। उल्लेखनीय है कि रिटर्न भरने और टैक्स की अदायगी संबंधी प्रणाली को कम-से-कम पेपर वर्क वाली बनाने के लिए 23 अक्तूबर, 2018 को पंजाब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (संशोधन) विधेयक-2018 लाया गया था। भारतीय संविधान की धारा 213जी की उप धारा-2 के अनुसार विधेयक को एक्ट के रूप में तब्दील करने के लिए विधानसभा के सत्र में पेश किया जायेगा।
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शिलांग में हिंसा के शिकार सिखों को मुआवजे की मंजूरी

पंजाब कैबिनेट ने शिलांग में हुई हिंसा में जायदाद को नुकसान के लिए सिख समुदाय को मुआवजे के तौर पर 60 लाख रुपये मुहैया कराने के लिए राहत एवं पुनर्वास विभाग की हिदायतों में ढील को मंजूरी दे दी है। प्रवक्ता ने बताया कि खालसा मिडल स्कूल बड़ा बाजार के निर्माण के लिए कुल राशि 60 लाख में से 50 लाख रुपये मुहैया कराई जाएगी, क्योंकि पुरानी इमारत असुरक्षित घोषित की जा चुकी है। 

इसी तरह 2 लाख रुपये की वित्तीय मदद संगम सिंह पुत्र मनजीत सिंह पंजाबी कालोनी बड़ा बाज़ार को उसकी दुकान को हुए नुकसान के लिए दी जाएगी। तीन लाख रुपये गुरमीत सिंह पुत्र गुरमुख सिंह को दिए जाएंगे, जिसके स्कूटी शोरूम को झगड़ों के दौरान आग लगा दी गई थी। इसी तरह एक ट्रक के मालिक सतपाल सिंह को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। 

शिलांग दंगों के दौरान उसके ट्रक को आग लगा दी गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि हिंसा के दौरान सिख समुदाय की जायदाद को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शिलांग भेजा था। इस प्रतिनिधिमंडल ने समुदाय के सदस्यों से विस्तृत विचार विमर्श किया था।

 शिलांग से लौटकर प्रतिनिधिमंडल ने अपनी रिपोर्ट पेश की और मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत करवाया। कैप्टन ने 28 सितंबर, 2018 को मुख्यमंत्री राहत फंड में से उन्हें अपेक्षित राशि जारी करने के आदेश दिए थे, जिनकी दुकानें जल गई थीं। इसके अलावा समुदाय द्वारा चलाए जा रहे स्कूल के लिए भी अपेक्षित राशि जारी करने के आदेश दिए गए।
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