नई योजनाओं का भी एलान
वर्ष 2023-24 के दौरान सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर में राज्य कैंसर संस्थान बनाने को बजट में 119 करोड़ रुपये रखे गए हैं। फाजिल्का में कैंसर देखभाल केंद्र बनाने को 46 करोड़ रुपये, अमृतसर मेडिकल कॉलेज व राजिंदरा अस्पताल पटियाला में ट्रामा सेंटर और बरनाला जिले में नए नर्सिंग कॉलेज बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जच्चा-बच्चा के लिए 7 नए मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ अस्पताल बनाने को 43 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इनके साथ ही, मोहाली में गमाडा द्वारा 1600 एकड़ में नया अर्बन इस्टेट और न्यू चंडीगढ़ में 1000 एकड़ में ईको सिटी-3 के नाम से अर्बन इस्टेट बनाया जाएगा। लुधियाना में 1600 एकड़ में अर्बन इस्टेट और बठिंडा में 200 एकड़ में टाउनशिप बनेंगे।
सरकार वाणिज्यिक वाहनों की फिटनेस जांच को मोहाली, पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, फरीदकोट व अमृतसर में 6 आटोमोटिव जांच केंद्र बनवाएगी जबकि 5 बागवानी इस्टेट- लुधियाना, गुरदासपुर, पटियाला, बठिंडा व फरीदकोट में स्थापित करने का प्रस्ताव है। मार्कफेड नए वित्त वर्ष के दौरान सरसों की प्रोसेसिंग के लिए बुढलाडा और गिद्दड़बाहा में नए तेल मिलें स्थापित करेगा। आप सरकार का इरादा अगले पांच वर्षों में सभी डीजल-आधारित कृषि पंप सेटों और 2030 तक पूरे कृषि पंप सेटों को सोलराइज करने का है।
महिलाएं व कर्मचारी निराश
बजट पढ़ते समय वित्त मंत्री महिलाओं को हर महीने एक हजार देने की गारंटी पर खामोश रहे। बजट से महिलाओं को उम्मीद थी कि इस बार सरकार उनके लिए बजट में प्रावधान करेगी। वहीं, सरकार ने पुरानी पेंशन योजना पर भी चुप्पी साध रखी। बजट के बाद प्रेस कांफ्रेंस में भी वित्त मंत्री ने इस बारे में कोई बयान नहीं दिया।
मैं अपनी सरकार की ओर से पंजाब के दुश्मनों को चेतावनी देता हूं कि वे कानून का पालन करें, नहीं तो हमारी सरकार उन्हें जड़ से खत्म कर देगी। हरपाल सिंह चीमा, वित्तमंत्री।
बजट में सरकार ने हर वर्ग से धोखा कियाः सुखबीर बादल
शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब सरकार ने बजट में लोगों से धोखा किया है। न तो महिलाओं को एक हजार रुपये देने का प्रावधान किया और न ही पुरानी पेंशन योजना और बिजली उत्पादन सहित किसी भी बुनियादी परियोजना के लिए कोई आवंटन किया। किसानों के लिए कुछ नहीं है। कर्ज बढ़कर रिकॉर्ड 3.47 लाख करोड़ रुपये हो गया और जीएसडीपी अनुपात में बकाया कर्ज 46.81% है। सरकार कह रही है कि राजस्व में वृद्धि हुई है लेकिन असल में राजस्व घाटा दोगुना हो गया है।
यह दिशाहीन सरकार का दिशाहीन बजट है। यह कागजी बजट है और भोली भाली जनता की भावनाओं से खिलवाड़ है। इस बजट ने मान सरकार के खोखले वादों की पोल खोल दी है। इस बजट में पंजाब के उद्योग, रोजगार, विकास और कृषि में आम जनता को कोई रियायत न देकर इन सभी क्षेत्रों की अनदेखी की गई है। - राजिंदर मोहन सिंह छीना, भाजपा पंजाब कोर कमेटी के सदस्य।
आप सरकार को आए एक साल हो गए हैं। सूबे में दावों के अनुसार किसी भी क्षेत्र में सुधार के बजाय पंजाब में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। सरकार की ओर से राजस्व एकत्र करने के जो लक्ष्य रखे गए थे, वह पूरे नहीं हो सके तो विकास कार्य कैसे पूरे होंगे। आने वाले समय में सरकार कितना राजस्व जुटा पाती है, यह तो पता नहीं लेकिन विकास की रफ्तार थम गई है। सरकार जिस तरह की नीतियों पर चल ही है, उससे साफ है कि पंजाब में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो जाएंगे। सूबे में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है। प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष।