चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हार के बाद रोते गठबंधन उम्मीदवार कुलदीप टीटा।
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चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा की जीत के बाद इंडिया गठबंधन के नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे बेईमानी से मिली जीत बताया है।
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर प्रतिक्रिया दी। केजरीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में दिन दहाड़े जिस तरह से बेईमानी की गई है, वो बेहद चिंताजनक है। यदि एक मेयर चुनाव में ये लोग इतना गिर सकते हैं तो देश के चुनाव में तो ये किसी भी हद तक जा सकते हैं। ये बेहद चिंताजनक है।
पंजाब के को-इंचार्ज डॉक्टर संदीप पाठक ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में जिस स्तर की बेईमानी देखी गई वह बेहद चिंताजनक है। यदि येही स्थिति स्थानीय चुनाव में होती हैं, तो यह हमारे राष्ट्रीय चुनावों की अखंडता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यह बेहद चिंताजनक है और हमारी चुनावी प्रक्रियाओं की गहन जांच की मांग करता है।
हार से नाराज आप पार्षद प्रेमलता ने कहा कि हम हाई कोर्ट जाएंगे। आज बीजेपी ने धोखे से जीत हासिल की है। मेरे हाथ से बैलेट छीन लिया गया। किरण खेर लगातार इशारा कर रही थीं। आठ वोट अवैध कैसे हो सकते हैं?
आम आदमी पार्टी पंजाब के नेता व चंडीगढ़ के पूर्व मेयर प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि भाजपा शहर में लोकतंत्र को खत्म करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह साफ था कि भाजपा के पास इस बार वोट कम थे, लेकिन बावजूद इसके वह जबरदस्ती चुनाव जीतने में लग रहे। पहले चुनाव में बेवजह से देरी की गई और अब वोटों को अवैध करार देकर गलत तरीके से चुनाव जीतने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की जनता भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी और आने वाले लोकसभा चुनाव में सबक सिखाएगी।
पंजाब आप ने ट्वीट किया कि क्या ये 8 रद्द वोट इस बात का सबूत नहीं हैं कि जानबूझकर कुछ गलत किया जा रहा है? क्या चुनाव अधिकारी का बार-बार ध्यान भटकाना यह नहीं दर्शाता कि वह कुछ गलत कर रहे हैं? अगर भाजपा ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में इस हद तक तानाशाही रवैया अपनाया है तो सोचिए देश का क्या होगा?