चंडीगढ़। करवाचौथ को मात्र तीन दिन शेष हैं, लेकिन इस बार बाजारों में महिलाओं के सौंदर्य से संबधित दुकानों पर सन्नाटा पसरा है। एक-दुक्का महिलाएं ही सजने का सामान खरीद रही है, वह भी जिनके यहां पर शादियां हो रही हैं। दुकानदारों को कहना कि करवाचौथ महिलाओं के सजने का त्योहार होता है। महिलाएं सालभर इस त्योहार के आने का इंतजार करती हैं। करवाचौथ आने से कुछ दिन पहले ही महिलाएं खरीदारी में बिजी हो जाती हैं, लेकिन अभी ऐसा नजर नहीं आ रहा है।
मास्क ने खत्म कर दी लिपस्टिक की ब्रिकी
करवाचौथ महिलाओं का सबसे पंसदीदा त्योहार है। महिलाएं सजने और संवरने में कोई कसर नही छोड़तीं। लेकिन इस बार कोविड- 19 को देखते हुए लगता नहीं कि इस त्योहार की रौनक देखने को मिलेगी। महिलाओं के फेस को सुंदर दिखाने में लिपस्टिक अहम भूमिका निभाती है, लेकिन कोरोना महामारी में सबको मास्क लगना पड़ रहा है। ऐसे में लिपस्टिक की ब्रिकी जीरो हो गई है। -रविंदर सिंह, कोस्मेटिक शॉप के मालिक, सेक्टर 24
महिलांए अभी कम आ रही हैं
करवाचौथ के लिए मात्र तीन दिन बचे हैं। दुकानों पर खरीदारी के लिए कुछ ही महिलाएं आ रही हैं। इस बार अभी तक 20 प्रतिशत ही काम है, वह भी तब होने लगा जब शादियां होने लगीं। नहीं तो काम धंधा न के बराबर ही चल रहा हैं। इस बार काम महिलाओं के न आने का बड़ा कारण कोविड है। महिलांए इस त्योहार पर भीड़ में आने से परहेज कर रही हैं। - हरीश बंसल, चंडीगढ़ फैशन दुकान के मालिक, सेक्टर- 15
लग ही नहीं रहा करवाचौथ का त्योहार आ रहा है
हर सीजन में इन दिनों अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती है। करवाचौथ तो महिलाओं को सबसे बड़ा त्योहार है। हर साल दुकान पर करवाचौथ से पहले ही महिलाओं का आना जाना शुरू हो हो जाता था। काफी चहल पहल रहती थी। लेकिन इस बार लग नहीं रहा कि करवाचौथ का त्योहार आने वाला है। सजने-संवरने का समान न के बराबर बिक रहा है। - आरएल बजाज, सप्रकाश कॉस्मेटिक के मालिक, सेक्टर- 21