यूटी प्रशासन की ओर से बिजली के रेट 21 प्रतिशत बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर आई आपत्तियों पर सुनवाई 21 मार्च को होगी। जेईआरसी ने शहर के लोगों से प्रशासन द्वारा दायर याचिका पर 17 फरवरी तक आपत्तियां मांगी थीं।
इसके बाद शहर के अलग अलग एसोसिएशंस, फॉसवेक और अन्य संगठनों ने आपत्ति दायर कर बिजली के रेट में बढ़ोतरी के प्रस्ताव का विरोध किया।
इन आपत्तियों पर 21 मार्च को जेईआरसी सेक्टर-19 स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स में सुनवाई करेगा। जो लोग अभी तक आपत्ति दर्ज नहीं करा पाए हैं वे सीधा 21 मार्च को कमीशन के समक्ष पेश हो सकते हैं। पिछले साल जेईआरसी ने 15 मार्च को शहर के लोगों की आपत्तियों को सुना था।
लोगों ने कहा है कि शहर में सैकड़ों लोगों से मीटर खराब होने पर भी एवरेज बिल चार्ज किया जा रहा है, जिससे नुकसान हो रहा है। प्रशासन बिजली की बर्बादी और चोरी रोकने में असफल है, जबकि ऐसा करके लोगों को राहत दी जा सकती है।
ध्यान रहे कि चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जनवरी में ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) के पास याचिका दायर कर नए वित्तीय वर्ष 2014-15 से चंडीगढ़ में बिजली के रेट में 21 फीसदी तक बढ़ोतरी करने संबंधी याचिका दायर की थी। अगर जेईआरसी इस याचिका को स्वीकार कर लेता है तो एक अप्रैल से चंडीगढ़ में बिजली के रेट बढ़ जाएंगे।
प्रशासन ने अपनी याचिका में पहले की तरह तीन स्लैब ही रखे हैं। अभी घरेलू उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक 2.30 रुपये प्रति यूनिट देने पड़ते हैं। इसे बढ़ाकर 2.78 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है। जबकि 150 से 400 यूनिट के लिए उपभोक्ताओं को 4.20 रुपये प्रति यूनिट देने पड़ते हैं।
इसे बढ़ाकर 4.60 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है। 400 से ऊपर यूनिट खर्च होने पर उपभोक्ताओं को 4.40 रुपये प्रति यूनिट देने पड़ते हैं। इसे बढ़ाकर 4.95 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है।