एक दुराचार पीड़िता ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इसके पीछे चौंकाने वाली वजह पता चली है। तहसील फाजिल्का के एक गांव निवासी महिला से हरियाणा के जिला सिरसा में तीन माह पहले हुए दुराचार मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। पीड़िता ने अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए सिरसा पुलिस को आगामी 20 जनवरी को हाईकोर्ट में पेश होकर मामले से संबंधित अब तक की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। 21 सितंबर को एक महिला के साथ दो लोगों ने दुराचार किया और सिरसा के गांव बेगू के पास उसे छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि अमरजीत निवासी ढाणी नेजाडेला कलां सिरसा व जीता निवासी गांव नेजाडेला कलां सिरसा ने उसके साथ रेप कर जान से मारने की धमकी दी थी।
पीड़िता ने बताया कि अमरजीत से उसकी पहली मुलाकात 15 सितंबर को हुई थी। उसके बाद दोनों में फोन पर बातें होने लगी थी। पीड़िता ने बताया कि 21 सितंबर को वह सिरसा के पुराने बस स्टैंड पर आई थी। उस दौरान उसने अमरजीत को फोन किया था। आरोप है कि वह अपने के एक साथी के साथ गाड़ी में सवार होकर आया और उसी गाड़ी में बैठाकर खेतों में ले गए थे। जहां अमरजीत ने धमकी देते हुए उससे दुष्कर्म किया था।
उसने इसकी जानकारी परिजनों को दी। परिजन सिरसा पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। महिला थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर 22 सितंबर 2016 को दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इतना समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। अदालत ने सिरसा पुलिस को आगामी 20 जनवरी को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में मामले की स्टेटस रिपोर्ट के साथ पेश होने के आदेश दिए है।
सिरसा की महिला थाना एसएचओ सीमा सोढ़ी का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच में जो सच्चाई सामने आएगी, उसी के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।