बठिंडा में दो बच्चों की मां से दुष्कर्म के बाद उसके गर्भवति होने के मामले में हाईकोर्ट ने पीड़िता को राहत देते हुए गर्भपात कराने की इजाजत दे दी है। दुष्कर्म से गर्भधारण के बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके मांग की थी कि वह तीसरा बच्चा नहीं चाहती, लिहाजा गर्भपात की इजाजत दी जाए।
याचिका पर हाईकोर्ट ने पीजीआई चंडीगढ़ से डाक्टरी सलाह मांगी थी कि क्या पीड़िता का गर्भपात संभव और सुरक्षित होगा। पीजीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि महिला 26 वर्ष की है और अभी गर्भधारण हुए अधिक समय नहीं बीता है और गर्भपात संभव है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था और अब गर्भपात की इजाजत देते हुए याचिका मंजूर कर ली गई है। इस फैसले से दुष्कर्म पीड़िता को अनचाहे गर्भधारण से मुक्ति मिल गई है।