महिलाओं के खिलाफ अपराध मामलों में बने नए एक्ट को मुकम्मल तौर पर लागू कराने के लिए दायर याचिका का निपटारा चंडीगढ़ गृह विभाग की ओर से जवाब दायर करने के साथ ही शुक्रवार को हो गया।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में आगे किसी निर्देश की जरूरत नहीं है। एडिशनल सेक्रेटरी होम प्रेरणा पुरी ने शपथ पत्र के जरिए हाईकोर्ट को अवगत कराया कि एसएसपी ऑपरेशंस की निगरानी में रेप क्राइसिस इंटरवेंश्ान सेंटर बनाया गया है, जहां विशेष तौर पर इन्हीं मामलों की सुनवाई होगी और रेप पीड़िता के पुनर्वास पर भी विचार होगा।
हाईकोर्ट को यह भी बताया गया कि महिला अपराध रोकने के लिए सीटीयू बसों में कंडक्टरों के 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। इससे बसों में सफर करने वाली महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करेंगी।
महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे जागरूक करने के लिए एफएम और अखबारों में विज्ञापन केअलावा पंफलेट्स वितरित कर महिला अपराध के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 1090 के बारे में बताया जा रहा है। सीटीयू बसों में भी यह नंबर छपवाया गया है।
स्कूल और कालेज छात्राओं के लिए समयानुसार 40 विशेष बसें शुरू की गई हैं और 219 मिनी बसें खरीदी गई हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस की सुविधा होगी। दूसरी ओर, पंजाब सरकार की तर्ज पर अब हरियाणा भी पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ा रहा है, लेकिन इसमें अभी डेढ़ वर्ष लग सकता है।
पंजाब सरकार में भी महिला पुलिस की भर्ती को हरी झंडी मिल चुकी है। पंजाब और हरियाणा की सरकारें हाईकोर्ट को यह भी बता चुकी हैं कि स्कूलों और कालेजों के पाठ्यक्रम में इस विषय पर छात्रों को जागरूक किया जाएगा।
पाठ्यक्रम में आईपीसी की कुछ धाराओं और घरेलू कलह एक्ट, सेक्सुअल हेरासमेंट और प्रिवेंशन आफ चाइल्ड अगेंस्ट सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट की जानकारी भी दी जाएगी।