डेरा सच्चा सौदा की जिन दो साध्वियों के यौन शोषण के मामले में सीबीआई अदालत ने डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है, साध्वियां इस सजा को पर्याप्त नहीं मान रहीं। इन साध्वियों में से एक ने बुधवार को डेरामुखी की 10-10 साल की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
एक साध्वी ने एडवोकेट नवकिरण सिंह के जरिये हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि वह डेरामुखी को अपना पिता मानती थी, लेकिन जिसे पिता समान माना, उसी ने उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया।
याचिका में कहा गया कि यह सिर्फ यौन शोषण का मामला नहीं है बल्कि विश्वासघात का भी मामला है। याचिका में साध्वी ने कहा है कि डेरामुखी ने उसके साथ तब यौन शोषण किया, जब वह डेरामुखी के कब्जे में थी। ऐसे में डेरामुखी को उसके मामले में दोषी करार देकर 10 वर्ष की सजा देना बहुत कम है।