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'50 लाख दो, रेप के आरोप से बरी करवा दूंगा'

Sun, 17 Nov 2013 12:51 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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चर्चित नौकरानी रेप मामले में फंसे व्यवसायी मंजीत सिंह ने केस की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं।
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मंजीत का कहना है कि मामले में उसे बरी करने के लिए दो लोगों द्वारा 50 लाख रुपये रिश्वत मांगी गई।

जिला एवं सेशन जज को दी शिकायत में इसी आधार पर उसका केस किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की अपील की गई है। साथ ही दावा किया है कि उसने शिकायत सीबीआई की भी दी थी और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी याचिका दी है। हालांकि सीबीआई ने शिकायत मिलने से इंकार किया है।

यह हैं आरोप
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत में उसके खिलाफ रेप के मामले में सुनवाई चल रही है। मंजीत सिंह के अनुसार दो लोगों डॉक्टर नरेश मित्तल और बलबीर चौधरी ने उससे संपर्क कर उसे इस मामले में बरी कराने का 50 लाख रुपये में सौदा किया। उसने इसकी शिकायत 15 अक्तूबर को सीबीआई से की।
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इसके बाद उसने मित्तल और चौधरी के साथ सारी बातचीत की रिकार्डिंग की और पहली किश्त के रूप में 15 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उसने 29 अक्तूबर को दस लाख रुपये और दिए।

दावे और भी
-मंजीत अरोड़ा का दावा है कि उसके पास सुबूत के रूप में आठ विडियो रिकार्डिंग, 10 वाइस रिकार्डिंग और 80 एसएमएस मौजूद हैं।
- मामले में जिन दो लोगों ने बिचौलिया बनकर उससे पैसे लिए वे केस की अगली तारीख पहले ही बता देते थे।
- डॉ नरेश मित्तल, बलबीर चौधरी और जज नाजर सिंह की पिछले दो महीने की कॉल डिटेल देखी जाएं तो सब साफ हो जाएगा।
-उसने दो बार में एक्सिस बैंक के अपने एकाउंट से पैसे निकाल कर रिश्वत के पैसे दिए थे।  
-पहले रिश्वत में दो करोड़ रुपये मांगे थे बाद में सौदा पचास लाख रुपये में हुआ।
-उसने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक संशोधित याचिका दायर की है।
-शिकायत राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, कानून मंत्री कपिल सिब्बल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, इंसपैक्टिंग जज चंडीगढ़ न्यायधीश राजन गुप्ता व सत्र न्यायधीश एस.के. अग्रवाल को दी है।
(ये सभी दावे मंजीत सिंह ने मीडिया को दिए दस्तावेजों में किए हैं)

दावों में कई झोल भी
-मंजीत अरोड़ा दावा कर रहा है कि बातचीत की रिकार्डिंग इसी साल अक्तूबर की है, जबकि मीडिया को दिखाई गई उसकी एक वीडियो रिकार्डिंग फुटेज पर पिछले साल छह जून की तिथि नजर आ रही है।
- मंजीत का दावा है कि उसने मामले की शिकायत सीबीआई को दी मगर सीबीआई की ओर से शिकायत मिलने से इंकार किया गया।
-शिकायत की जो भी प्रतियां उसने कोर्ट को सौंपे दस्तावेजों की प्रति कह कर मीडिया को उपलब्ध कराईं उसमें किसी पर भी उसके हस्ताक्षर नहीं हैं।

केस हिस्ट्री
सात जनवरी 2010 को फैदा निवासी महिला ने सेक्टर 34 निवासी मंजीत अरोड़ा पर उसकी नाबालिग बेटी को घर पर काम करने के लिए नौकरी पर रखा था। मगर मंजीत ने नौकरानी को मुम्बई निवासी बेटी के पास काम करने के लिए भेज दिया था।

महिला ने आरोप लगाया था कि इस दौरान मंजीत अरोड़ा मुम्बई गया और उसने वहां उसकी बेटी से दुराचार किया। मां की शिकायत पर सेक्टर 34 थाना पुलिस ने मंजीत अरोड़ा के खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। मामले की अब जिला एंव सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत में 18 नवम्बर को सुनवाई है।
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कोट
‘मुझे शिकायत मिली है। मामला काफी गंभीर है। इसकी अदालत में सुनवाई भी चल रही है। इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता।’
-एसके अग्रवाल, जिला एवं सत्र न्यायधीश, जिला अदालत,चंडीगढ़

सीबीआई को फिलहाल मंजीत अरोड़ा की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शनिवार को दफ्तर भी बंद था अगर उसने इस बीच कोई शिकायत दी होगी तो वह सोमवार को मिल जाएगी।
-विनित  बृजमोहन, एसपी, सीबीआई
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