बागी टकसाली और सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा अब अपने पूर्व राजनीतिक साथी पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का फोन नहीं उठाते हैं। यह जानकारी खुद ब्रह्मपुरा ने खडूर साहिब हलके में एक वर्कर मीटिंग की दौरान दी। ब्रह्मपुरा ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल ने मुझे बातचीत करने की लिए सात बार फोन किया, लेकिन मैंने फोन नहीं उठाया।
ब्रह्मपुरा ने कहा कि बादल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकते थे, क्योंकि उनका लिंक डेरा साध के साथ जुड़ा था। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और विधायक बिक्रम मजीठिया ने पंजाब को लूटा। दोनों ने अकाली दल का नाम बदनाम किया। जो धार्मिक गुनाह उन्होंने अकाली दल की सरकार के समय किए, वह माफ नहीं किए जा सकते।
इन दोनों ने राजनैतिक स्वार्थ के लिए सिख पंथ, कौम और श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी कार्रवाई। उन्हें माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अकाली दल में उनको कोई भी समस्या नहीं थी। उन्हें सम्मान मिलता था। उनके पास राजसत्ता थी लेकिन जिस प्रकार सुखबीर बादल और बिक्रम मजीठिया ने पंथ विरोधी डेरा साध के साथ मिलकर गुरु साहिब की बेअदबी की है, तब उनसे रहा नहीं गया। अब समय आ गया है कि बादल परिवार को अकाली दल से अलग कर दिया जाए।
16 दिसंबर को होगा नए अकाली दल का गठन
ब्रह्मपुरा ने कहा कि श्री अकाल तख्त के आशीर्वाद से 16 दिसंबर को नए अकाली दल का गठन किया जाएगा। नया अकाली दल 1920 में गठित हुए संविधान के अनुसार चलेगा। नए अकाली दल के गठन का उद्देश्य अकाली परंपरा को फिर से जिंदा करना और अकाली दल की साख को बहाल करना है। नया अकाली दल बादल परिवार को सिख राजनीति से दूर कर देगा।