चंडीगढ़। सिटी की रणजी टीम के बल्लेबाज गुरिंदर सिंह के 99 रनों की पारी के साथ रमन िबिश्नोई और बिपुल शर्मा की ओर से जड़े अर्धशतकों की बदौलत चंडीगढ़ ने सेक्टर-16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में सिक्किम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। रविवार को मैच के दूसरे दिन सिक्किम के 264 रनों के जवाब में चंडीगढ़ ने 8 विकेट के नुकसान पर 338 रन बनाकर पहली पारी में 74 रनों की बढ़त बना ली है। इससे पहले बीते शनिवार को एक विकेट के नुकसान पर 4 रनों से आगे खेलते हुए चंडीगढ़ ने इस बार सधी हुई शुरुआत की। इसमें सलामी बल्लेबाज मोहम्मद अर्सलान खान और कप्तान मनन वोहरा ने दूसरे विकेट के लिए 58 रनों की साझेदारी निभाई। मैच के 11वें ओवर में गेंदबाज ईश्वर चौधरी ने अर्सलान को 36 के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड किया। इस समय स्कोर दो विकेट के नुकसान पर 62 रन था। 4 रन के बाद ही दिनेश ने कप्तान मनन वोहरा को 22 रन पर आउट कर चंडीगढ़ के लिए तनाव की स्थिति पैदा कर दी।
इसके बाद नुकसान की भरपाई करने विकेटकीपर बल्लेबाज उदय कौल और रमन बिश्नोई ने 22 ओवर में 85 रनों की साझेदारी निभाई। इसके बाद 40वें ओवर में अर्धशतक पूरा कर चुके रमन बिश्नोई को 51 रन पर गेंदबाज ईश्वर चौधरी ने क्लीन बोल्ड किया। इस समय स्कोर 4 विकेट के नुकसान पर 153 रहा। तीन ओवर के बाद ही ईकबाल अब्दुल्लाह ने अंकित कौशिक को केवल एक रन पर आउट कर आधी टीम 158 रनों पर वापिस पेवेलियन में बैठा दी। हलांकि अंपायर की ओर आउट दिए जाने के बाद अंकित कौशिक इस फैसले से खुश नहीं दिखाई दिए। वह कुछ समय लेते हुए धीरे-धीरे मैदान से बाहर हुए।
इसके बाद खतरनाक दिख रहे उदय कौल अपने अर्धशतक के करीब पहुंच ही रहे थे कि गेंदबाज ली. लैप्चा ने उन्हें 44 रन के निजी स्कोर पर आउट कर दिया। इससे स्कोर 6 विकेट के नुकसान पर 188 रन हुआ। बिपुल शर्मा और गुरिंदर सिंह की जोड़ी ने चंडीगढ़ टीम के लिए उस समय संकटमोचक का काम किया, जब दोनों ने मिलकर 140 रनों की साझेदारी पूरी की। अपने शतक के करीब पहुंचे गुरिंदर सिंह मैच के 88वें ओवर में ईकबाल अब्दुल्ला की गेंद पर 99 रन के निजी स्कोर पर आउट हो गए। उनके इस पारी में 13 चौके शामिल रहे। अगले ही ओवर में बिपुल शर्मा 58 रनों के स्कोर पर ईश्वर चौधरी की गेंद का शिकार हो गए। दूसरे दिन के खेल के बाद गेंदबाज ईश्वर चौधरी ने 88 रन देकर 4 विकेट चटकाए, वहीं ईकबाल अब्दुल्लाह ने 2 विकेट लिए। लेप्चा को एक विकेट से ही संतोष करना पड़ा।