मोहाली। सोहाना क्षेत्र के सेक्टर-82 स्थित मैदान में सोमवार शाम मशहूर कबड्डी प्रमोटर और खिलाड़ी कुंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की दिनदहाड़े गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि राणा बलाचौरिया की हत्या गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का करीबी होने के चलते की गई। पुलिस के अनुसार राणा और जग्गू भगवानपुरिया के बीच कबड्डी टूर्नामेंटों को लेकर टाईअप था, इसे लेकर विरोधी गैंगों से रंजिश चल रही थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि राणा बलाचौरिया की हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी। बाइक पर सवार होकर आए दो शूटरों ने सेल्फी लेने के बहाने राणा के पास पहुंचकर 30 बोर पिस्टल से उनके सिर में गोली मारी। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से भाग गए। एसएसपी हंस ने बताया कि मोहाली पुलिस की दो टीमें दिल्ली-एनसीआर और दो टीमें अमृतसर में दबिश दे रही हैं। पुलिस को इनपुट मिला है कि आरोपी इन इलाकों में छिपे हो सकते हैं। इसके अलावा एक तीसरे अज्ञात व्यक्ति की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस को शक है कि यही तीसरा व्यक्ति राणा बलाचौरिया को जानता था और उसी ने शूटरों को सेल्फी के बहाने राणा तक पहुंचाया। इस वारदात में रोपड़ के रहने वाले एक अन्य युवक जगप्रीत सिंह भी घायल हुआ है, जो वारदात के समय गोली लगने से जमीन पर गिरे राणा को उठाने के लिए गया था और छर्रे लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है।
टोल प्लाजा की खंगाली जा रही फुटेज
मंगलवार को पुलिस ने सभी टोल प्लाजा और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मोटरसाइकिल का नंबर ट्रेस करने के लिए तकनीकी टीमों को लगाया गया है। वहीं, शूटरों को भगाने और उन्हें पनाह देने वालों की भी पहचान की जा रही है। यह कबड्डी टूर्नामेंट बैदवान स्पोर्ट्स क्लब सोहाना की ओर से आयोजित किया गया था। टूर्नामेंट की शुरुआत 12 दिसंबर को हुई थी और 15 दिसंबर को अंतिम मुकाबले खेले गए थे। मैच समाप्त होने के बाद राणा बलाचौरिया आयोजन स्थल से बाहर निकल रहे थे, तभी इस वारदात को अंजाम दिया गया।
कबड्डी खिलाड़़ी और प्रमोटरों की लगातार हो रही हत्याएं
पंजाब में बीते कुछ वर्षों में कबड्डी खिलाड़ियों और प्रमोटरों की हत्या करने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। मार्च 2022 में संदीप नंगल अंबिया, अक्टूबर 2025 में तेजपाल सिंह और नवंबर 2025 में गुरविंदर सिंह की भी कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान गोली मारकर हत्या की जा चुकी है। राणा बलाचौरिया की हत्या ने एक बार फिर कबड्डी जगत की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।