जाट आरक्षण आंदोलन को रामपाल के समर्थन से न केवल सामाजिक, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल मची हुई है। वहीं, यशपाल मलिक ने भी बड़ा बयान दिया। वैसे रामपाल का समर्थन खुद जाट नेताओं के लिए चुनौती से कम नहीं होगा, क्योंकि आर्य समाज व रामपाल समर्थकों के बीच वैचारिक मतभेद रहे हैं। दूसरा जाट समाज के लोग आर्य समाज से भी गहराई से जुड़े रहे हैं।
हालांकि सरकार से आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे जाट नेता फिलहाल तो यही कह रहे हैं कि वे तो हर संत से समर्थन मांग रहे हैं। रामपाल भी उनमें से एक हैं। यशपाल मलिक ने कहा कि वे संत के अनुयायियों को कहना चाहते हैं कि जाट कोई जाति नहीं, बल्कि जब समाज करवट लेता है तो धर्म बदलते हैं। रामपाल हमारे समाज में पैदा हुए। रामपाल ने जाट कौम के पेट से जन्म लिया।
संत के साथ जो घटा, उसका दुख है। शांति से मांगों के लिए संघर्ष करो, एक दिन रामपाल भी आपके बीच में होंगे। उन्होंने कहा कि हम भी समय आने पर आपका साथ देंगे। आर्य समाज को खड़ा करने में जाट समाज का अहम योगदान रहा है। समय आने पर आर्य समाज व रामपाल के शिष्यों के बीच जो वैचारिक मतभेद को दूर करवाया जाएगा।