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सावन शुरू, एक साथ गूंजी आराधना और इबादत

Mon, 14 Jul 2014 12:32 PM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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आराधना और इबादत के स्वर एक साथ फिजाओं में गूंजे। मुसलिम समुदाय के पवित्र रमजान पर मसजिद से इबादत के स्वर तो हिंदुओं का सावन का महीना शुरू होने पर शिवालयों में हर हर महादेव की आराधना के स्वर एक साथ गूंजे। सावन का महीना भी रविवार से शुरू हो गया। रमजान का महीना पहले से ही शुरू था।
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अल्लाह की मर्जी मुताबिक काम में लगना ही रोजा

सेक्टर-26 स्थित नूरानी मसजिद के मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी ने बताया कि रमजान अपनी तमाम बरकतें ओर रहमतें लेकर पूरी दुनिया पर सायाफगन है। सुबह से लेकर सूरज छिपने तक खाने पीने और जायज नफसानी खाहिशात से रुकने का नाम रोजा है। रोजा तभी रोजा है जबकि व्यक्ति का सारा शरीर अल्लाह की मर्जी के मुताबिक काम में लग जाए।

रमजान इंसान की शुद्धता के लिए साल में एक बार अल्लाह का भेजा हुआ एक वरदान है। कासमी ने बताया कि यह वजह है कि इस पवित्र महीने में अल्लाह की इबादत में इंसान रात दिन लगा रहता है।

उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में दिन में रोजा रखते हैं और रात में 20 रक्अत तरावीह पढ़ता है। इसमें पूरा महीने पूर्ण कुरान पढ़ा जाता है। गरीबों को जकात और फितरे के नाम पर दान देता है। नमाज के बाद अल्लाह से मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगी जाती है।
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गरीबों से हमदर्दी रमजान की खास इबादत

उनके अनुसार गरीबों से हमदर्दी इस महीने की खास इबादत है। शाम को इफ्तार के वक्त गैर मुसलिम भाइयों को दावत दी जाती है ताकि एकता और मोहब्बत का पैगाम पहुंचाया जाए। रमजान इंसान की इंसानियत को निखारने और उसके गलत जजबात को खत्म करके, प्यार हमदर्दी इंसानियत जैसे खूबसूरत जजबात पैदा हो और यह दुनिया जन्नत का नमूना बन जाए।

देवालय पूजक परिषद के प्रधान ईश्वर शास्त्री और कोषाध्यक्ष लाल बहादुर दुबे ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को मनाने का महीना है। शिवलायों में हर हर महादेव के जयकारे से भगवान प्रसन्न होते हैं। इससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि सभी मंदिरों स्थित शिवालयों में भोले के भक्तों ने जलाभिषेक किया और शाम में रुद्राभिषेक किया।

उन्होंने कहा कि भगवान शिव को मनाने के लिए एक लोटा जल भी बहुत काफी है। देवों के देव महादेव भक्तों पर जल्द प्रसन्न होते हैं। सावन का पूरा महीना शिवालयों में भक्तों की भीड़ रहेगी। शिवालयों में शिव का भव्य शृंगार होगा।
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