रामदरबार में गैस्ट्रोएन्टराइटिस (उल्टी-दस्त) ने दस्तक दे दी है। इससे तीन साल के बच्चे देव की मौत हो गई, जबकि 129 लोग अब भी बीमार हैं। इस बच्चे को दो दिन से उल्टी-दस्त आ रही थी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे जीएमसीएच 32 में पहुंचाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण अस्पताल प्रशासन की ओर से मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन मौत के पहले के लक्षण डायरिया या गैस्ट्रोएन्टराइटिस की ओर ही इशारा कर रहे हैं।
बहरहाल, हेल्थ प्रशासन की ओर से बच्चे के बीमार होने की हिस्ट्री निकाली जा रही है, ताकि किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके। जीएमसीएच में रामदरबार के 29 मरीज एडमिट थे और सभी की हालत में सुधार है। इनमें आठ बच्चे भी हैं। ज्यादातर को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
कॉलरा के भी लक्षण, सैंपल भेजे
जीएमसीएच-32 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एके जनमेजा ने बताया कि कुछ मरीजों में कॉलरा जैसे लक्षण मिले हैं, लेकिन अब तक ऐसा कोई केस कंफर्म नहीं हुआ है। ऐहतियात के तौर पर सैंपल लेकर जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट भेज दिए गए हैं। इनकी रिपोर्ट 72 घंटे में आने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। इसके लिए एक कल्चर टेस्ट होता है, जिसमें बैक्टीरिया की ग्रोथ देखी जाती है।
चिकन पॉक्स सही हुआ, उल्टी-दस्त ने जान ले ली
रामदरबार फेज-2 के मकान नंबर-733 में गौतम अपनी पत्नी विद्या और बेटे के साथ किराए पर रहते हैं। उनके तीन साल के बेटे देव को 15 दिन पहले चिकन पॉक्स हुआ था और पिछले दो दिनों से उल्टी-दस्त आ रही थी। उसे जीएमसीएच पहुंचाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो चुकी थी।
गौतम का कहना है कि उनका बेटा तो चल बसा। पत्नी को भी उल्टी-दस्त हो रही है। वहीं, गौतम की मकान मालकिन गीता का कहना है कि उनके दो पोतों की भी तबीयत खराब हो गई थी।
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दूषित पानी से ही गैस्ट्रोएन्टराइटिस : डॉक्टर
डाक्टरों ने बताया कि गैस्ट्रोएन्टराइटिस फैलने के पीछे के मुख्य कारण दूषित पानी ही है। आशंका है कि रामदरबार में कहीं न कहीं सीवरेज ओवरफ्लो हुआ होगा और पाइप लाइन में भी लीकेज हुई होगी। इसी से अधिकतर घरों में दूषित पानी की सप्लाई हुई और लोग बीमार पड़े। इसका दूसरा कोई कारण नहीं हो सकता।
हर बार पास हो जाते हैं सैंपल, जांच हो : भाटिया
नगर निगम ने रामदरबार में सप्लाई हो रहे पानी के सैंपल भरे थे, लेकिन सभी सैंपल पास हो गए। इस पर नगर निगम के पूर्व पार्षद ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्व काउंसलर एवं चेयरमैन, वाटर सप्लाई एवं सीवरेज कमेटी के जतिंदर भाटिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि जब नगर निगम ने सैंपल लिए हों और उनके पास हो गए हों। हर बार ऐसा ही होता है। यह जांच का विषय है।
ट्यूबवेल के पास ही पाइपलाइन में मिली लीकेज
रामदरबार की पार्षद जन्नत जहां ने दावा किया है कि पत्थर वाला ट्यूबवेल से सप्लाई होने वाली पाइप लाइन में लीकेज थी। उस लीकेज को देर शाम बंद कर दिया गया है।
उन्होंने लोगों से दो दिनों तक सप्लाई वाला पानी नहीं पीने की अपील की है। इसकी जगह टैंकर की व्यवस्था की गई है। लोग इसी टैंकर का पानी पीएं। पूरे इलाके में लाउडस्पीकर से यह एनाउंस कराया गया है।
कोट
जीएमसीएच-32 में अब तक 29 मरीज आए हैं। इन सभी को गैस्ट्रोएन्टराइटिस था। कुछ मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया है। कॉलरा का अब तक कोई मरीज नहीं मिला है। कुछ संदिग्ध पेशेंट के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि कॉलरा है या नहीं।
- एके जनमेजा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच-32