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′गेहूं खराब भी हुआ तो भी मिलेंगे पूरे दाम′

Sat, 18 Apr 2015 11:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा है कि चालू खरीद मौसम के दौरान मंडियों में गेहूं की खरीद 1450 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि गेहूं खरीद के क्वालिटी मानदंड के कारण किसी किसान की फसल पर वैल्यू कट लगा तो उसका वहन खरीद एजेंसी और प्रदेश सरकार करेगी।
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उन्होंने बताया कि इस बारे में वीरवार देर रात मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया है। शुक्रवार को जानकारी देते हुए शर्मा ने बताया कि मंडियों में गेहूं की खरीद तुरंत प्रभाव से शुरू करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान की फसल भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूं की क्वालिटी के लिए तय मानदंड के अनुरूप नहीं पाई गई तो ऐसी फसल पर लगने वाले वैल्यू कट का बोझ किसान पर नहीं डाला जाएगा, बल्कि वैल्यू कट राशि खरीद एजेंसियां और प्रदेश सरकार वहन करेंगी। किसान को उसकी फसल की पूरी कीमत दी जाएगी। बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की चमक फीकी पड़ी है।
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इस बारे में उन्होंने खुद केंद्रीय खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राम विलास पासवान से मिलकर ऐसे गेहूं पर छूट देने की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। और 50 प्रतिशत तक कम चमक वाली गेहूं की खरीद की अनुमति दे दी गई है।

उन्होंने कहा कि अगर इससे भी ज्यादा चमक प्रभावित हुई है तो भी हरियाणा सरकार अपनी खरीद एजेंसियों के माध्यम से गेहूं की खरीद करेगी। उन्होंने कहा कि गेहूं की नमी में 12 प्रतिशत पर कोई वैल्यू कट नहीं लगेगा लेकिन 12-14 प्रतिशत पर 2 प्रतिशत का वैल्यू कट लगाया जाता है।

उन्होंने कहा कि पहली बार अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रधान सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वे मंडियों में जाकर खरीद प्रक्रिया की व्यक्तिगत जानकारी लेंगे और सरकार को रिपोर्ट देंगे।

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि किसानों पर आई बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि की इस प्राकृतिक आपदा पर भी अगर कोई व्यक्ति राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास करेगा तो उसे भगवान भी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की दुख की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि मार्च में बेमौसमी बारिश के बाद फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की राशि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 2000 रुपये तक प्रति एकड़ की दर से बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब यह नुकसान के अनुरूप 12000 रुपये प्रति एकड़ की दर से की गई है।

उन्होंने कहा कि बीते एक-दो दिन में कुछ जिलों में फिर बारिश हुई, जिस कारण मंडियों में खरीद प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मंडियों में तत्काल अतिरिक्त प्रबंध किए हैं ताकि किसानों की गेहूं न भीगे।
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