हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान से आहत किसानों की ओर से आत्महत्या करने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि... ‘हरियाणा के लोग हैं ठाढे, आत्महत्या नहीं कर सकते।’ धनखड़ शुक्रवार को यहां प्रेस क्लब में पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने आत्महत्या की घटनाओं के बारे में कहा कि हरियाणा के लोग मजबूत जीवट वाले हैं। वे इतनी जल्दी आत्महत्या नहीं कर सकते। आत्महत्या करना एक अपराध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गत 22 मार्च तक 1136 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इसके बाद भी जारी बारिश के कारण 15 अप्रैल को पूरी हुई विशेष गिरदावरी में नुकसान का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन स्थानों पर अभी फसल नहीं कटी है, वहां गिरदावरी पूरी करने के लिए पांच दिन का समय और बढ़ाया गया है। इसके बाद ही पूरे नुकसान का सही पता लग सकेगा।
उन्होंने कहा कि विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट सरकार तक पहुंचने के एक महीने के भीतर प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि वितरित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए यह साल चुनौती भरा साबित हुआ है। पहले खाद की कमी के कारण किसानों को परेशानी हुई और अब बेमौसम बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में मार्च माह में आमतौर पर 11 एमएम बारिश रिकार्ड की जाती रही है, लेकिन इस साल यह दस गुना ज्यादा हुई है। उन्होंने इनेलो के उस आरोप का खंडन किया, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश के 200 गांवों में गिरदावरी नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि फसलों का मुआवजा प्रभावित किसान को ही मिले, इसके लिए सरकार ने फैसला किया है कि विशेष पॉवर ऑफ अटार्नी पेश करने वाले काश्तकार के नाम पर ही मुआवजा राशि का चेक दिया जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि कई बार ऐसे खेत मालिक को मुआवजा मिल जाता है जो खेती नहीं करते, इस पर धनखड़ ने कहा कि यह बड़ी समस्या है। क्योंकि खेती करने वाले किसान का डाटा सरकार के पास नहीं होता। फिर भी खेत मालिक शर्म के कारण भी अपने खेतों में काम करने वाले किसान को मुआवजा राशि लौटा देते हैं।