डेरा सच्चा सौदा पुराना और डेरा सच्चा सौदा नया के पास करीब 1260 एकड़ जमीन है। इसमें से 790 एकड़ शाहपुर बेगू में है। जिसमें से 260 एकड़ जमीन कृषि योग्य है। इस कृषि योग्य भूमि में डेरा प्रमुख काश्तकार है।
हालांकि सिरसा में उसके व्यक्तिगत कृषि भूमि होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। लेकिन अमर उजाला के पास उपलब्ध दस्तावेजों में गुरमीत राम रहीम काश्तकार है। इसी कृषि भूमि में खुद को काश्तकार बताकर डेरा प्रमुख ने पैरोल के लिए आवेदन किया है।
एसपी ने थाना प्रभारियों से मांगी रिपोर्ट
गुरमीत राम रहीम की पैरोल को लेकर राजस्व विभाग से जो रिपोर्ट पुलिस विभाग के पास पहुंची हुई। अभी तक पुलिस विभाग उस रिपोर्ट के पहलुओं का अध्ययन कर रहा है। हालांकि लॉ एंड आर्डर को लेकर भी एसपी ने थाना प्रभारियों से रिपोर्ट मांगी हुई है।
ये है मामला
गुरमीत राम रहीम की ओर से कृषि कार्य के लिए पैरोल मांगी गई है। रोहतक के जेल अधीक्षक की ओर से इस संबंध में सिरसा के उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी है। पूछा गया है कि क्या कैदी गुरमीत सिंह को पैरोल देना उचित होगा या नहीं? जानकारी अनुसार रोहतक जेल अधीक्षक द्वारा पैरोल के बारे में मांगी गई रिपोर्ट में डेरा प्रमुख पर सीबीआई कोर्ट द्वारा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में भी दोषी करार दिए जाने के अलावा दो अन्य मामले लंबित होने का भी उल्लेख किया गया है।
गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट द्वारा 25 जुलाई 2017 को दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म का दोषी करार दिया गया था। इसके अतिरिक्त सांध्य दैनिक पूरा सच के संपादक रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में भी सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को दोषी करार दिया था।
इसके अतिरिक्त डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह के दो मामले कोर्ट में ट्रायल पर है। इनमें एक रणजीत सिंह हत्या का और दूसरा डेरा प्रेमियों के अंडकोष निकालने का है।
अंशुल छत्रपति ने किया विरोध
डेरा प्रमुख की पैरोल को लेकर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने अपना एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार डेरा प्रमुख को पैरोल देते हैं तो वे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। अंशुल ने कहा कि कानूनी तौर पर डेरा प्रमुख को पैरोल देना उचित नहीं है।
सरकार के दो मंत्रियों ने डेरा प्रमुख के पक्ष में जो बयान दिया वह उचित नहीं है। 25 अगस्त की हिंसा को लेकर कोर्ट के निर्देश के बावजूद सरकार ने डेरे से नुकसान की भरपाई नहीं की। यदि डेरा प्रमुख को पैरोल मिल गई तो उसके बाद यदि अनहोनी घटनाएं हुई तो कौन जिम्मेदार होगा।
रिपोर्ट तैयार करने में समय लगेगा। इतनी जल्दी तैयार नहीं की जा सकती। कई जगहों से अलग अलग इनपुट लिए जा रहे हैं। हम अपनी रिपोर्ट डीसी के पास भेजेंगे। -अरुण सिंह, एसपी सिरसा।