राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद 25 अगस्त को पंचकूला में हिंसा करने वाले उपद्रवियों ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। उपद्रवियों का कहना है कि उनको आगजनी करने के लिए कोडवर्ड दिया गया था पौधरोपण। पंचकूला में हिंसा के बाद चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश कर रहे डेरा के छह अंगरक्षकों को मनीमाजरा थाना पुलिस ने धर दबोचा था। कोर्ट में आरोपियों की पेशी के बाद पुलिस ने जिला अदालत से दो दिन का और रिमांड लिया था।
रिमांड के दौरान आरोपी अंगरक्षकों ने यह कबूल किया कि 25 अगस्त को पंचकूला शहर में हुए आगजनी व हिंसा के लिए उन्हें बकायदा कोड वर्ड दिया गया था। जांच अधिकारी एसआई रोहित कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान दोषी बाबा के अंगरक्षक कृष्णपाल सिंह ने पूछताछ में यह कबूल किया कि 25 अगस्त की सुबह 7 बजे डेरा प्रबंधक मिट्ठू उनसे आकर मिला और उन्हें रिवाल्वर, गोलियां और आगजनी के लिए तमाम सामग्री उपलब्ध करवाईं।
पकड़े गए दूसरे अंगरक्षक सुखविंदर सिंह ने पुलिस रिमांड के दौरान बताया कि इसके साथ ही डेरा प्रबंधक ने उन्हें पंचकूला में इकट्ठे हुए समर्थकों के साथ मिलकर पूरे जिले में आगजनी के लिए बकायदा कोड वर्ड दिया। जांच अधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि अंगरक्षकों को पंचकूला में आगजनी करने के लिए पौधरोपण कोडवर्ड दिया गया था।