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डेरा ने पहली बार खोला, खुदाई में नरकंकाल मिलने और अंगदान का सच

Mon, 11 Sep 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
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गुरमीत राम रहीम
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राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में नरकंकाल मिलने और अंगदान, देहदान, मानव अंगों की तस्करी के मामले में तूल पकड़ा हुआ है, जिसका सच भी डेरा खुदा बता रहा है। डेरे से जुड़े कुछ लोगों ने बताया कि डेरे के भीतर अंगदान सेवा भी बड़े पैमाने पर होती है। उन्होंने बताया कि डेरामुखी की भक्ति में लीन डेराप्रेमियों को अंगदान के लिए प्रेरित किया जाता था। सरकार के पास इस अंगदान सेवा में भी गड़बड़ी होने की जानकारी पहुंची हैं।
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लिहाजा, डेरे का अंगदान मिशन भी टारगेट पर है। डेरा सूत्रों के अनुसार डेरे में जितनी संख्या में लोग नेत्र व अन्य अंगदान करते थे, उतनी संख्या में डेरे में इन अंगों को इम्लांट नहीं होता था, जबकि डेराप्रेमियों को यही बताया जाता था कि जो अंगदान वे करेंगे, डेरा निशुल्क उन अंगों को दूसरे जरूरतमंद लोगों को इम्लांट करेगा। इसी बात को अपनी सच्ची सेवा समझकर डेराप्रेमी अंगदान कर देते थे। मगर अब इस सेवा में भी बड़े खेल की बात कही जा रही है।

डेरे से जुड़े लोगों ने बताया कि डेराप्रेमियों द्वारा डेरे के आह्वान पर जो अंगदान किए जाते थे, उन्हें दूसरे राज्यों के मेडिकल कालेजों में भी भेजा जाता था। ये अंग वहां कैसे और क्यों भेजे जाते थे? इस बारे में कभी किसी को मालूम नहीं चलता था। आज भी ये राज ही बना हुआ है। इसलिए इस अंगदान सेवा की जांच के बाद ही इससे जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं। हरियाणा स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस मामले में जांच करवाने की बात कही है।
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डेरे की प्रवक्ता ने बताया अंगदान का सच

Ram rahim
वहीं इस मामले में पर बोलते हुए डेरा की प्रवक्ता ने बताया कि आश्रम के अनुयायी मे​​डिकल रिसर्च के लिए कॉलेजों को बॉडी डोनेट करते थे। अब तक देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों को डेरा अनुयायी बॉडी डोनेट कर चुके हैं।

पूज्य गुरु राम रहीम के आह्वान पर डेरा प्रेमी ऐसा करते हैं और यह ऐतिहासिक कदम साबित हुआ है। मेडिकल कॉलेज कल तक पार्थिव देह के लिए तरसते थे, अब डेरा अनुयायी उन्हें यह उपलब्ध कराते है। इसी पर रिसर्च करके मेडिकल कॉलेज विभिन्न बीमारियों के कारण जानकर उनका इलाज तलाशते हैं।

नर कंकाल मिले या नहीं, प्रशासन नहीं कर रहा स्पष्ट
दूसरे दिन सर्च ऑपरेशन के दौरान जेसीबी से डेरे की जमीनों पर खुदाई का कार्य किया गया। खुदाई में नर कंकाल निकले या नहीं इस बारे में प्रशासन कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। हालांकि डेरा स्वीकार कर चुका है कि डेरा प्रेमी मोक्ष प्राप्ति के लिए जमीन में अस्थियां दबवाया करते थे।

सूत्रों का दावा है कि डेरा परिसर की अच्छी तरह से खुदाई की जाए तो सैकड़ों नर कंकाल मिल सकते हैं। ऐसा ही दावा डेरा के पूर्व साधू लगातार कर रहे हैं।
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अभी नहीं लग पाया लखनऊ गए शवों का सुराग

Ram Rahim
लखनऊ मेडिकल कालेज में डेरे से भेजे गए शवों के मामले में हरियाणा सरकार को अभी तक कोई रिकार्ड नहीं मिला है। सरकार ने सीएमओ स्तर के अधिकारी की ड्यूटी लगाई है, लेकिन डेरे के अंदर चल रहे सर्च आपरेशन में शवों की जानकारी करने में जुटे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पीछे छूट जा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को यह जानकारी मिली थी कि जो शव लखनऊ भेजे गए हैं, वे बिना किसी कागजी प्रमाण के भेजे गए हैं। इसके बाद विज ने जांच के आदेश दिए थे। अमर उजाला से बातचीत में अनिल विज ने बताया कि अभी तक कोई तथ्य वेरीफाई नहीं हुआ है। उन्होंने यहां से सीएमओ स्तर केअधिकारी की ड्यूटी लगाई है।

शरीर दान के नाम पर भी चल रहा था गोरखधंधा
उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने बताया कि शनिवार को सर्च के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरे के अस्पताल में चल रही गतिविधियों की जांच की। गड़बड़ी पाये जाने पर अस्पताल में चल रहे स्किन बैंक को सील कर दिया गया। अस्पताल से जो शव शरीर दान के रूप में अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में भेजे जाते थे उनका कोई रिकार्ड मेंटेन नहीं किया जा रहा था।

इसी तरह मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट (एमटीपी) का भी पालन नहीं किया जा रहा था। डेरे में चल रही चार आरा मशीनों के भी दस्तावेज चेक किए गए, जिनमें से दो बिना लाइसेंस के चलती पाई गईं। इन दो आरा मशीनों को सील कर दिया गया है।
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