डेरा सच्चा सौदा सिरसा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ साध्वी दुराचार मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत की ओर से जल्द ही फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर खुफिया विभाग ने पंजाब सरकार को अलर्ट कर दिया है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय से सचिव से मिलने के लिए पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा नई दिल्ली में हैं, जहां वीरवार को भी उनकी गृह सचिव के साथ बैठक है। इधर, पंजाब सरकार के गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने एहतियातन केंद्र से अर्द्धसैनिक बलों की दो कंपनियां भेजने को कहा है ताकि सूबे में शांति बनाए रखी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार को यह अलर्ट आईबी से मिला है। वहीं, सीबीआई कोर्ट में डेरामुखी के खिलाफ केस की सुनवाई अंतिम चरण में है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में बहुत जल्द फैसला आ सकता है। आशंका जताई गई है कि अदालती फैसला अगर डेरामुखी के खिलाफ रहा तो उनके अनुयायियों की ओर से आक्रामक व तीखी प्रतिक्रिया आ सकती है। यह भी उल्लेखनीय है कि पंजाब में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की संख्या 50 लाख से अधिक है। हाल के विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न सर्वे रिपोर्टों में भी डेरा सच्चा सौदा अनुयायियों के 35 लाख वोटों को निर्णायक करार दिया गया था।
पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में पिछले कई साल से डेरामुखी के खिलाफ केस पर सुनवाई जारी है। डेरामुखी पर उनकी एक पूर्व अनुयायी महिला ने डेरे में उससे कई बार दुराचार किए जाने का आरोप लगाया है। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। हालांकि, डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन डेरामुखी के खिलाफ सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। डेरा मुखी के खिलाफ उक्त दुराचार के आरोपों के अलावा हत्या की साजिश रचने का भी आरोप है। फिलहाल, उन्हें हरियाणा पुलिस की ओर से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है और वे बुलेट प्रूफ वाहन का ही प्रयोग करते हैं।
सरकार ने मांगी अर्ध सैनिक बलों की कंपनियां
Gurmeet Ram Rahim Singh
- फोटो : File Photo
हरियाणा के पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में विचाराधीन गुरमीत राम रहीम के साध्वी यौन शोषण मामले में फैसला किसी भी दिन आने से मनोहर लाल सरकार सतर्क हो गई है। सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार से भारी संख्या में अर्ध सैनिक बलों की कंपनियां मांगी हैं। खुफिया एजेंसियों ने फैसला आने से पहले ही सरकार को सतर्क कर दिया है कि सीबीआई अदालत का निर्णय राम रहीम के खिलाफ आने पर हालात बिगड़ सकते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था के हालात की समीक्षा की है।
गृह सचिव ने डीजीपी के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पुलिस बल तैनात करने के साथ ही केंद्र से अर्ध सैनिक बलों की कंपनियां मांगने का निर्णय लिया था। इस पर सरकार ने सहमति जताते हुए केंद्र को कई कंपनियां भेजने का आग्रह किया है ताकि समय पर तैनाती की जा सके। हरियाणा में गुरमीत राम रहीम के लाखों अनुयायी हैं। सिरसा जिले में डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख आश्रम होने के साथ ही हर जिलों में भारी संख्या में अनुयायी हैं। कोर्ट का फैसला अगर राम रहीम के खिलाफ आया तो अनुयायी व उनके समर्थक सड़कों पर उतर सकते हैं।
इसे देखते हुए सरकार पहले ही चौकन्ना हो गई है। इससे पहले करौंथा में संत रामपाल के आश्रम में हुए बवाल पर काबू पाने में सरकार के पसीने छूट गए थे। जिससे भी सरकार और पुलिस ने सबक लिया है। डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि केंद्र से अर्ध सैनिक बल मांगे हैं। कुल कितनी कंपनियां मांगी गई हैं, इसके बारे में वह स्पष्ट नहीं बता सकते। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे।