लाडवा के बंसीवाला वृद्धाश्रम एवं अन्नक्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों के लिए राक्षी नदी आफत बन गई है। करोड़ों रुपये तो खर्च किए गए लेकिन यह नदी आज भी गंदे नाले से ज्यादा कुछ नहीं है।
अब तो इसका गंदा पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के लिए परेशानी बनता जा रहा है। इसी समस्या से वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग व प्रबंधक समिति के सदस्य भी परेशान हैं।
दूषित पानी आश्रम में आने से बुजुर्गों का आश्रम में रहना मुश्किल हो गया है। इससे आश्रम के भवन पर भी संकट के बादल गहरा गए हैं। गंदे पानी से आश्रम में रह रहे बुजुर्गों में बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
आश्रम की प्रबंधक समिति मामले में स्थानीय प्रशासन से लेकर सीएम को पत्र लिखकर गुहार लगा चुकी है। लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
बुजुर्गों व प्रबंधक समिति के सदस्यों में सरकार व प्रशासन के प्रति नाराजगी बनी हुई है। आश्रम की प्रबंधक समिति के अध्यक्ष सुरेश कंसल, अनिल गर्ग, अनुज गोयल, संजय सिंगला, मनमोहन दीप, पवन कुमार, देशराज मंगला, अशोक कुमार सहित अन्य ने बताया कि इस समस्या से निजात पाने के लिए सबसे पहले उन्होंने 14 जुलाई को डीसी, नायब तहसीलदार लाडवा व नपा सचिव को पत्र लिखकर समस्या के बारे में अवगत कराने के साथ-साथ इससे छुटकारा दिलाने की मांग की थी।
कोई कार्रवाई न होने पर छह अगस्त को उन्होंने इस संदर्भ में सीएम, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, नायब तहसीलदार व नपा सचिव सहित अन्य विभागों को दोबारा पत्र लिखकर समस्या बताई और हल करने की मांग की।
लेकिन अभी तक हाल जस का तस बनें हैं। इससे आश्रम में बुजुर्गों के लिए खाना बनाने, खाने, उनके नहाने, शौच जाने इत्यादि व खाद्य सामग्री रखने तक में दिक्कतें आ रही हैं।
बरसात के चलते इस समय तो गंदा पानी आश्रम के भवन, रसोई, हॉल, शौचालयों तक में गंदा पानी घुसने से करोड़ों रुपये के भवन के भी ढहने का खतरा पैदा हो गया है।
इसके अलावा इस आश्रम में रह रहे 26 बुजुर्गों में बीमारी फैलने का खतरा भी बना है। सुरेश कंसल ने बताया कि आए दिनों इस गंदे पानी से जहरीले जीव आश्रम में घुस आते हैं, इससे बुजुर्ग भय के वातावरण में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई कर इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।