हरियाणा के हिसार में राजीव गांधी खेदड़ पावर प्लांट की राख को लेकर 90 दिन से धरने पर बैठे आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच सभी मांगों पर सहमति बन गई है। बुधवार को प्रशासन और धरना कमेटी के बीच साढ़े तीन घंटे चली वार्ता आखिरकार सिरे चढ़ गई। हालांकि अभी तक परिजनों ने किसान धर्मपाल के पार्थिव शरीर का दाह संस्कार नहीं किया है। इस संबंध में धरना कमेटी का कहना है कि जब तक पुलिस आंदोलन में गिरफ्तार चार युवाओं को नहीं छोड़ती, तब तक शव का दाह संस्कार नहीं करेंगे। दूसरी तरफ कमेटी का यह भी कहना है कि कुछ मांगों को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री से वार्ता है। तब तक धरना जारी रहेगा।
वार्ता सौहार्दपूर्ण हुई
खेदड़ पावर प्लांट की राख को लेकर धरनारत किसानों की मांगों और आंदोलनकारियों व पुलिस के बीच हुए टकराव में किसान धर्मपाल की मौत से जुड़ी मांगों को लेकर खेदड़ गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। किसान नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, अभिमन्यु कोहाड़ आदि भी पहुंचे। पहले कमेटी की बैठक चली, उसमें चार बजे धर्मपाल के शव को सड़क पर रखने का एलान किया। इसके बाद धरना कमेटी को प्रशासन की तरफ से वार्ता का बुलावा आया। करीब साढ़े तीन घंटे चली वार्ता के दौरान करीब 13 मांगों पर सहमति बन गई।
मांगों पर बनी सहमति
जितनी भी मांगें थीं, लगभग सभी पर सहमति बन गई है। पावर प्लांट कांफ्रेंसिंग हॉल में कमेटी के सदस्यों के साथ बातचीत हुई है। चार दिनों से कई मांगें सामने आ रही थी। इस बारे में कई बार वार्ता भी हुई। अब सभी मांगों पर सहमति बन गई है। कमेटी ने आश्वासन दिया है कि वे शांतिपूर्ण शव का दाह संस्कार करेंगे। बैठक के दौरान सकारात्मक हल निकला है। - डॉक्टर प्रियंका सोनी, जिला उपायुक्त, हिसार