फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यसभा सीट पर जिंदल और सोनिया की मुलाकात, भाजपा में टेंशन

Wed, 08 Jun 2016 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
आर के आनंद और सुभाष चंद्र - फोटो : file photo
विज्ञापन
हरियाणा से राज्यसभा की दूसरी सीट को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच बुधवार को नए राजनीतिक घटनाक्रम ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। हरियाणा के पूर्व सांसद नवीन जिंदल की नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से हुई मुलाकात ने इस बात को हवा दे दी है कि कांग्रेस आलाकमान का झुकाव इनेलो के राज्यसभा प्रत्याशी आरके आनंद की तरफ है। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक तंवर पहले ही साफ कर चुके हैं कि पार्टी के विधायक आलाकमान के निर्देश के अनुसार ही कदम उठाएंगे।
विज्ञापन


इस सीट पर भाजपा को जहां सुभाष चंद्रा की जीत के लिए दस विधायकों के समर्थन की जरूरत है, वहीं इनेलो को भी आरके आनंद के लिए करीब 12 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। इस तरह दोनों प्रत्याशियों की जीत का सारा दारोमदार कांग्रेस के 17 वोटों पर टिक गया है।

नवीन जिंदल का कांग्रेस से नाता पुराना है और इसमें कोई संदेह नहीं है कि कांग्रेस आलाकमान नवीन जिंदल को अनदेखा नहीं कर सकता। इधर, जिंदल और सुभाष चंद्रा के बीच का टकराव किसी से छिपा नहीं है। रहा सवाल इनेलो प्रत्याशी आरके आनंद का। वे कांग्रेस के टिकट पर पहले भी राज्यसभा जा चुके हैं और कांग्रेस से उनका नाता भी काफी गहरा रहा है। आलाकमान ने अब हरियाणा के सभी कांग्रेसी विधायकों को 10 जून को दिल्ली बुला लिया है।
विज्ञापन


नवीन जिंदल की कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात को आरके आनंद के लिए अच्छी खबर मान भी लिया जाए तब भी राज्यसभा के लिए उनकी जीत को आसान नहीं कहा जा सकता। भाजपा प्रत्याशी सुभाष चंद्रा की जिताने के लिए मंगलवार को ही भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने चंडीगढ़ में डेरा डाल दिया है। उन्होंने सुभाष चंद्रा की भाजपा विधायकों से मुलाकात भी करा दी है। इससे पहले, सोमवार को ऐसी खबरें भी आईं कि सुभाष चंद्रा ने अपने दम पर इनेलो के कुछ विधायकों से संपर्क साधा है। इसके बाद इनेलो के सभी विधायक पार्टी नेता के साथ चंडीगढ़ से बाहर हिमाचल या उत्तराखंड चले गए हैं।

जाहिर है इनेलो भी क्त्रसस वोटिंग से आशंकित हो गई है। ऐसे ही हालात कांग्रेस में भी हैं, क्योंकि राज्यसभा की सीट पक्की कर चुके भाजपा प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह पुराने कांग्रेसी हैं और उनके मौजूदा कांग्रेस विधायकों से भी प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। कांग्रेस भी क्त्रसस वोटिंग की आशंका से घिरी है। भाजपा भी वीरेंद्र सिंह के सहारे कांग्रेस विधायक दल में सेंध लगाने का कोई अवसर नहीं गंवाना चाहेगी। इधर, बुधवार को भी चंडीगढ़ में भाजपा विधायक दल की अनौपचारिक बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के मौजूदा हालात और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के अलावा राज्यसभा चुनाव को भी लेकर चर्चा हुई। भाजपा की नजरें अब नवीन जिंदल और कांग्रेस आलाकमान के बीच हुई बैठक से बनने वाले समीकरण पर टिक गई हैं। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें