जानिए, राज्यसभा चुनाव जीतने पर क्या बोले सुभाष चंद्रा और बीरेंद्र सिंह
जीत के बाद सुभाष चंद्रा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैंने पहले ही कहा था... मुझे चौ. बीरेंद्र सिंह से ज्यादा वोट मिलेंगे। मैं बगैर किसी वजह बड़ी बात नहीं बोलता। यह चुनाव हरियाणा बनाम गैर हरियाणवी के बीच था। मैं भाजपा का आभारी हूं। सुभाष चंद्रा ने कहा कि जो दल एक-दूसरे को देख भी नहीं सकते, वो मेरे खिलाफ एक साथ आए। यह चुनाव भाजपा और दूसरे दलों के खिलाफ था। साल 2014 के कुरुक्षेत्र लोकसभा चुनाव और हिसार के विधानसभा चुनाव में मैंने हारी हुई बाजी जीती थी।
भाजपा के साथ-साथ मेरी अपनी रणनीति भी काम आई। मैंने 90 में से 76 विधायकों को निजी तौर पर फोन करके वोट मांगा था। सुभाष चंद्रा ने बयान दिया कि आरके आनंद ने कांग्रेस में आस्था जताई थी, लेकिन इनेलो के शीर्ष नेताओं को यह बात नहीं भाई। इसलिए मुझे अंदाजा है कि इनेलो के 19 विधायकों ने मेरी बात सुनी।
यह मेरी राजनीति की आखिरी पारी : चौ.बीरेंद्र
चंडीगढ़। राज्यसभा सीट पर जीत के बाद केंद्रीय मंत्री चौ.बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह मेरी राजनीति की आखिरी पारी होगी। उन्होंने बीजेपी आलाकमान के प्रति आभार जताया। कहा कि इस चुनाव में जितने बेहतर तरीके से भाजपा ने अपनी भूमिका निभाई, वह समर्पण का प्रतीक है। सिंह ने कहा की यह मेरी आखिरी पारी है जो कर सकता हूं करूंगा। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पहले पूरी तरह शांत थी, लेकिन कुछ दिन पहले एक्शन मोड में आई और फिर से निष्क्रिय हो गई।