द्वितीय विश्व युद्ध में बर्मा अभियान ऐसा सैन्य ऑपरेशन था जिसमें भारतीय जवानों ने अपने पराक्रम का परिचय दिया था। यह 1945 को संपन्न हुआ था। इसमें बर्मा के इलाके में घुसकर शाही जपानी सेना को वापस जाने को मजबूर करने वाले अधिकतर भारतीय जवान ही थे।
काफी लंबे चले इस सैन्य अभियान में भारतीय इंफेंट्री डिवीजन की पांचवीं, सातवीं, नौवीं, सत्रहवीं, बीसवीं, तेइसवीं, छब्बीसवीं डिविजन, सातवीं बख्तरबंद ब्रिगेड, 48वीं भारतीय इंफेंट्री ब्रिगेड, 50वीं भारतीय पैराशूट ब्रिगेड और 254वीं और 255वीं भारतीय टैंक ब्रिगेड के जवानों की अहम भूमिका थी।
अभियान में भाग लेने वाले अधिकतर जवान संयुक्त पंजाब (अब हरियाणा, पंजाब, हिमाचल) के थे। इन जवानों ने किस तरह से विषम परिस्थितियों में बर्मा मोर्चे पर लोहा लेते हुए उसे फतेह किया, इस तरह की कई कहानियां भी बर्मा मोर्च की 75वीं वर्षगांठ पर सेना विशेषज्ञों द्वारा सामने लाई जाएंगी।
बालाकोट एयर स्ट्राइक भारतीय वायुसेना के इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ किए गए बड़े अभियानों में से एक है, जिसे इसी साल फरवरी 2019 में अंजाम दिया गया था। उस वक्त बीएस धनोआ एयरफोर्स चीफ थे।
अब सेवानिवृत्ति के बाद धनोआ फेस्ट में पहुंचकर इस बालाकोट ऑपरेशन के कुछ अनकहे पहलुओं को साझा करेंगे। इसके अलावा अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में क्या हालात हैं, इस अनुच्छेद को हटाना उचित था या अनुचित आदि महत्वपूर्ण विषय पर भी विशेषज्ञ अपनी राय रखेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ करेंगे तीसरे मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का उद्घाटन
तीन दिवसीय मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल (एमएलएफ)-2019 के लिए सभी तैयारियों मुकम्मल कर ली गई हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 13 दिसंबर को सिटी ब्यूटीफुल के लेक क्लब पर फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 15 दिसंबर को फेस्टिवल के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
लगातार तीसरे साल आयोजित किए जा रहे फेस्टिवल की शुरुआत कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ही की थी। समापन समारोह के मौके पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा (मौजूदा म्यांमार) कैंपेन के विक्टोरिया क्रास विजेताओं के पारिवारिक सदस्यों और यूनिटों को सम्मानित किया जाएगा।