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बेहद खास होगा इस बार का मिलिट्री फेस्ट, सामने आएंगी सेना के शौर्य की कहानियां, खुद बताएंगे जांबाज

Sun, 24 Nov 2019 10:25 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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तीसरा मिलिट्री लिटरेचर फेस्ट - फोटो : अमर उजाला
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भारतीय सेना के ऐसे कई जवान हैं जिन्होंने विभिन्न अभियानों में बहादुरी दिखाते हुए जंग फतह की और हंसते-हंसते वतन के लिए शहीद हो गए। आज भी उनकी शहादत गुमनाम है। सेना अब ऐसे ही रियल हीरो के किस्से लोगों के सामने लाएगी। इसके अलावा पूर्व एयरफोर्स चीफ बीएस धनोआ भी बालाकोट की कहानी सुनाएंगे। 

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इसके लिए मंच रहेगा तीसरा मिलिट्री लिटरेचर फेस्ट का। तेरह से पंद्रह दिसंबर तक चंडीगढ़ के लेक क्लब में चलने वाले इस मिलिट्री फेस्टिवल का आयोजन सेना की वेस्टर्न कमांड और पंजाब सरकार संयुक्त रूप से कर रही है। इस फेस्टिवल में सेना से जुड़े करीब 22 विषयों पर पैनल चर्चा रहेगी। 

इसमें सेना व खुफिया एजेंसियों के विशेषज्ञों समेत युद्ध नायकों, बुद्धिजीवियों और रक्षा रणनीतिकारों से ऐसे किस्से सुनने को मिलेंगे जिनसे आज की पीढ़ी लगभग पूरी तरह से अनजान है। वेस्टर्न कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गुरपाल सिंह सांघा और पंजाब सीएम के सीनियर एडवाइजर लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल ने बताया कि इस फेस्ट का मकसद आज की नई पीढ़ी को भारतीय सेना की विचारधारा, प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, अनुशासन, देश सेवा के जज्बे से जोड़ना है। 

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खास रहेगी बर्मा मोर्चे की 75वीं वर्षगांठ

द्वितीय विश्व युद्ध में बर्मा अभियान ऐसा सैन्य ऑपरेशन था जिसमें भारतीय जवानों ने अपने पराक्रम का परिचय दिया था। यह 1945 को संपन्न हुआ था। इसमें बर्मा के इलाके में घुसकर शाही जपानी सेना को वापस जाने को मजबूर करने वाले अधिकतर भारतीय जवान ही थे। 

काफी लंबे चले इस सैन्य अभियान में भारतीय इंफेंट्री डिवीजन की पांचवीं, सातवीं, नौवीं, सत्रहवीं, बीसवीं, तेइसवीं, छब्बीसवीं डिविजन, सातवीं बख्तरबंद ब्रिगेड, 48वीं भारतीय इंफेंट्री ब्रिगेड, 50वीं भारतीय पैराशूट ब्रिगेड और 254वीं और 255वीं भारतीय टैंक ब्रिगेड के जवानों की अहम भूमिका थी। 

अभियान में भाग लेने वाले अधिकतर जवान संयुक्त पंजाब (अब हरियाणा, पंजाब, हिमाचल) के थे। इन जवानों ने किस तरह से विषम परिस्थितियों में बर्मा मोर्चे पर लोहा लेते हुए उसे फतेह किया, इस तरह की कई कहानियां भी बर्मा मोर्च की 75वीं वर्षगांठ पर सेना विशेषज्ञों द्वारा सामने लाई जाएंगी।
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अनुच्छेद 370 पर भी होगी चर्चा

बालाकोट एयर स्ट्राइक भारतीय वायुसेना के इतिहास में पाकिस्तान के खिलाफ किए गए बड़े अभियानों में से एक है, जिसे इसी साल फरवरी 2019 में अंजाम दिया गया था। उस वक्त बीएस धनोआ एयरफोर्स चीफ थे।

अब सेवानिवृत्ति के बाद धनोआ फेस्ट में पहुंचकर इस बालाकोट ऑपरेशन के कुछ अनकहे पहलुओं को साझा करेंगे। इसके अलावा अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में क्या हालात हैं, इस अनुच्छेद को हटाना उचित था या अनुचित आदि महत्वपूर्ण विषय पर भी विशेषज्ञ अपनी राय रखेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ करेंगे तीसरे मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का उद्घाटन
तीन दिवसीय मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल (एमएलएफ)-2019 के लिए सभी तैयारियों मुकम्मल कर ली गई हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 13 दिसंबर को सिटी ब्यूटीफुल के लेक क्लब पर फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 15 दिसंबर को फेस्टिवल के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। 

लगातार तीसरे साल आयोजित किए जा रहे फेस्टिवल की शुरुआत कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ही की थी। समापन समारोह के मौके पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा (मौजूदा म्यांमार) कैंपेन के विक्टोरिया क्रास विजेताओं के पारिवारिक सदस्यों और यूनिटों को सम्मानित किया जाएगा।
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