लंबी साइकिल पर सवार होकर लिम्का बुक में अपना नाम दर्ज करवा चुके राजीव कुमार ‘जॉनी’ अब गिनिज बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करवाने को मुंबई तक सफर करेंगे। इस अभियान के लिए जॉनी ने लगभग 8 फुट 6 इंच की लंबी साइकिल बनाई है। यह साइकिल दस फुट तक एक्पेंड हो सकती है। इससे पहले वह लगभग 7.5 फुट लंबी साइकिल पर रिकॉर्ड बनाते आ रहे हैं। बुधवार को साइकिल पर अपने अन्य साथियों के साथ पंजाब राजभवन पहुंचे।
यहां पर चंडीगढ़ प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल वीपी बदनौर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान राज्यपाल जॉनी को इतनी लंबी साइकिल पर बिना किसी स्पोर्ट के सवार होते देख काफी हैरान हुए। वहीं उन्होंने मुंबई तक साइकिल पर जाने वाले मात्र 12 वर्ष के शैर्या की जमकर तारीफ भी की। यह तीनों बुधवार को चंडीगढ़ में विभिन्न जगह जाएंगे। इसके बाद वीरवार को मोहाली, शुक्रवार को पंचकू ला के बाद उसी दिन मुंबई अभियान के लिए निकलेंगे।
5100 किलोमीटर का सफर
चंडीगढ़ टू मुंबई के सफर के लिए जॉनी के साथ दो लोग और भी जा रहे हैं। इनके सेंट जोंस स्कूल सेक्टर- 26 के सातवीं कक्षा के छात्र शौर्य के साथ साथ उनकेपिता बिजनेसमैन संजीव सागर भी जा रहे हैं। चंडीगढ़ से मुंबई तक यह तीनों लगभग 5100 किलोमीटर तक सफर तय सफर करेंगे। इस दौरान ढाई महीने का समय लगेगा।
खुद बनाएंगे खाना और टैंट में रहेंगे
जॉनी ने बताया कि उनके साथ पीछे पीछे एक पिकअप वैन भी होगी। जिसमें उनके कपड़ों के साथ खाना बनाने का समान होगा। दिल्ली तक के सफ र में उनका होटल में खाना पीना होगा। इसकेबाद के सफर तक का खाना वह रूक कर बनाएंगे। इसके साथ ही दो टैंट भी लेकर जा रहे है। रात को वह टैंट सोने के काम आएंगे।
खुद साइकिल संवारते हैं जॉनी
जॉनी ने बताया कि इस अभियान के लिए उन्हाेंने नई साइकिल बनाई है। जोगो ग्रीन के चलते हरे रंग की है। इस पर चंडीगढ़ के शहर का ओपन हैंड भी लगा हुआ। उनके अनुसार 8 फुट 6 इंच की लंबी साइकिल को खुद ही तैयार किया है। रास्ते में खराब होने पर इसकी रिपेयर भी खुद करना जानते है। वहीं फस्ट एड किट के साथ साथ टूल किट भी रखी हैं।
हिम्मत दिखाने का मौका
मुंबई साइकिल पर जा रहे शौर्या ने बताया कि वह पिछले तीन साल से रोजाना अपने घर सेक्टर- 49 से सेक्टर 26 स्थित सेंट जोंस स्कू ल साइकिल से जाते हैं। इसके साथ ही अपने पिता के साथ रोजाना 30 से अधिक किलोमीटर साइकिल चलाते है। मुंबई तक सफर खुद की मर्जी से चुना है। यह हिम्मत दिखाने का मौका हैं। मुंबई अभियान तक उनकी परीक्षा भी होगी। इसके लिए उन्होंने स्कूल से अनुमति ले ली है और चंडीगढ़ वापस लौट कर वह अपनी परीक्षा देंगे।