संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। टैगोर थिएटर सेक्टर-18 में बुधवार शाम साढ़े छह बजे 1857 के दौरान आजादी के लिए हुए संघर्ष का मंजर दर्शकों की आंखों के सामने उस समय जीवंत हो उठा जब नाटक वीर नाहर सिंह का मंचन किया गया। थिएटर फॉर थिएटर की ओर से और हरियाणा के कला एवं सांस्कृतिक विभाग के सहयोग से नाटक आयोजित किया गया। इसमें प्रस्तुत किया गया कि कैसे राजा नाहर सिंह ने देश की आजादी के लिए कड़ा संघर्ष किया था।
इसमें बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह के आजादी पाने के लिए अंग्रेजों से लोहा लेने और कुर्बानी देने के सफर को दिखाया। उनके जीवन उदय से लेकर हरियाणा का भारतीय स्वतंत्रता की लड़ाई में महत्व दर्शाया गया। इस नाटक को 26 कलाकारों ने अपने अभिनय से पूर्ण किया। वहीं, आठ लोगों की टीम ने मंच के पीछे का कार्यभार संभाला। राजा नाहर सिंह की भूमिका विवेक कुमार ने अदा की, रानी की भूमिका कपूरथला की आरूषि ने और इसी तरह सिपाही, ग्रामीण, पुरोहित और अंग्रेजी शासन के अधिकारियों के किरदार में अदाकार अभिनय प्रस्तुत करते दिखाई दिए।
इस दौरान मंच पर दिखाया गया कि नाहर सिंह की सेना की टुकड़ी छोटी होने के बावजूद उन्होंने भारत से अंग्रेजों को बाहर निकालने का प्रण लिया था और इसके लिए आखिरी दम तक संघर्ष करते रहे। इस नाटक में नाहर सिंह के समक्ष आई विभिन्न चुनौतियों को प्रस्तुत किया गया कि किस प्रकार उन्होंने बहादुरी से अंत तक आजादी की लड़ाई लड़ी और आजादी की चिंगारी काे भारतीयों के जहन में जिंदा रखा।