उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार कहती है कि तीन कृषि कानून किसानों के हक में है। दूसरी ओर किसानों को उनकी बात कहने की भी आजादी नहीं दे रही। गिरफ्तारी, झूठे मुकदमे जैसी पुलिसिया कार्रवाई से किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक मर्यादाओं को छिन्न-भिन्न कर देश, प्रदेश में अराजकता कायम करना चाहती है और पूंजीपति घरानों के हाथों में खेलकर जनविरोधी नीतियां जनता पर थोप रही है।
किसानों के साथ खड़ी है एसजीपीसी : लौंगोवाल
एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि अपने अस्तित्व कि लड़ाई लड़ रहे किसानों के साथ सिख संस्था चट्टान कि तरह खड़ी है। एसजीपीसी संघर्ष के दौरान किसानों की हर जरूरत को पूरा करेगी। संघर्ष कर रहे किसानों को एसजीपीसी लंगर व सेहत सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी। किसान जहां भी धरना देंगे, उस इलाके में स्थित गुरुद्वारा साहिब से लंगर भेजा जाएगा।
दिल्ली जाने वाले किसानों को रास्ते में हर सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। एसजीपीसी ने श्री गुरु राम दास जी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में तीन मेडिकल वैन का प्रबंध किया है। मेडिकल कॉलेज की टीम शंभू बैरियर रवाना हो गई है। लौंगोवाल ने कहा कि केंद्र सरकार अड़ियल रवैया त्यागकर किसानों कि मांगें स्वीकार करे।
शिरोमणि अकाली दल ने बुधवार को कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली जा रहे पंजाब के किसानों और उनके परिवारों पर कड़ाके की ठंड में वाटर कैनन से हमला किया गया। पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री को पंजाब के लोगों के दर्द के प्रति ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए।
चीमा ने मुख्यमंत्री को कहा कि आप निश्चित रूप से जानते हैं कि हरियाणा सीमा पर रोकने के बाद कल हजारों किसानों ने ठंड के मौसम में सड़कों पर रात बिताई है। आज इन किसानों ने दिल्ली की ओर आगे बढ़ने की कोशिश की तो उन पर वाटर कैनन से हमला किया गया।
हरियाणा सरकार का किसानों को रोकने निंदनीय : सुखदेव सिंह ढींढसा
शिरोमणि अकाली दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने 26 और 27 नवंबर को नई दिल्ली में किसानों के प्रदर्शन में बाधा पैदा करते हुए पंजाब के साथ अपनी सीमाओं को सील करने के हरियाणा सरकार के आदेश की निंदा की है। ढींढसा ने कहा कि हरियाणा पुलिस द्वारा सीमाओं को सील करना दुर्भाग्यपूर्ण है और हरियाणा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार केंद्र सरकार के इशारे पर किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को रोकने की कोशिश कर रही थी।
तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों द्वारा किए जा रहे आंदोलन का इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने पूरा समर्थन किया है। अभय चौटाला ने कहा इनेलो हमेशा किसान, मजदूर और कमेरों के हकों की लड़ाई लड़ती आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिल्ली कूच कर रहे किसान नेताओं की गिरफ्तारी और बॉर्डर को सील करना बेहद निंदनीय है।
किसानों की आवाज कुचलना चाह रही सरकार : सैलजा
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने किसानों पर अपनाई जा रही नीतियों को लेकर सरकार की निंदा की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह के दिल्ली आंदोलन में हिस्सा लेने जा रहे किसानों पर प्रदेशभर में कार्रवाई की है, वह अंग्रेज शासन की क्रूरता की याद दिलाती है। किसानों के विरोध को देखते हुए यह सरकार पूरी तरह से डरी और सहमी हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए कृषि विरोधी कानून अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने की साजिश का हिस्सा हैं।
यह कानून किसानों को बर्बाद करने वाले हैं। इन कानूनों का असर हरियाणा प्रदेश में दिखना शुरू हो गया है। दिल्ली आंदोलन में हिस्सा लेने से रोकने के लिए किसानों की गिरफ्तारियां करवाई जा रही हैं, उन पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की जा रही है। बॉर्डर सील कर दिए गए हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में धारा-144 लागू कर दी गई है। किसान इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है।